गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। तिवारी परिवार द्वारा नगर में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ आज बुधवार को शानदार कलश यात्रा के साथ हुआ। शाम 4ः30 बजे कथा आयोजक बबली-दीपक तिवारी के निवास स्थान से कलश यात्रा निकली। जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर पूरे भक्ति भाव के साथ प्रारंभ हुई। कलश यात्रा बालाजी मंदिर, पंच मंदिर होते हुए कथा स्थल पहूंची। जहां भगवताचार्य पं. भागीरथी महाराज ने पूजा अर्चना कर भागवत स्थान पर सभी कलश की स्थापना की। कथा आयोजक बबली-दीपक तिवारी, श्रीमती विमला तिवारी, प्रतिभा-जगतनारायण, प्रेमलता-राजेश, नीलम-बृजेश, हितेश, स्वाति-मुकेश, अनामिका-आयुष, श्रीमती निर्मला देवी पाण्डेय, प्रभा-नरेश शुक्ला, कामिनी-अखिलेश शुक्ला, आयुषी-आदित्य तिवारी आदि ने कलशों की पूजा अर्चना आरती कर स्थापित किया। नगर के प्रतिष्ठित बबली-दीपक तिवारी परिवार द्वारा माता-पिता श्री लक्ष्मी-रामनारायण तिवारी एवं भाभी श्रीमती मणि हितेश तिवारी की स्मृति एवं वार्षिक श्राद्ध की स्मृति में 27 मार्च से 04 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत महापुराण का भव्य आयोजन अपने निवास मौलीपारा परिसर में किया जा रहा है। भागवत कथा श्रवण हेतु 10 हजार वर्गफीट का विशाल वाटर प्रुफ डोम में नगर के भगवताचार्य श्री भागीरथी तिवारी महाराज के मुखारवृन्द से भागवत कथा का श्रवण किया जावेगा। आज शाम 4 बजे निवास स्थान से कलश यात्रा बालाजी, पंच मंदिर होते हुए कथा स्थल पहुंची। वेदीपूजन एवं स्थापना उपरांत 28 मार्च को भागवत कथा प्रारंभ, 29 मार्च सती एवं धु्रव कथा, 30 मार्च प्रहलाद चरित्र नरसिंह अवतार, 31 मार्च रविवार को श्रीराम एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव, 01 अप्रैल को रूखमणी विवाह, 02 अप्रैल सुदामा चरित्र, 03 अप्रैल को परिक्षित मोक्ष एवं शाम में शोभायात्रा तथा अंतिम दिवस 04 अप्रैल को गीता ज्ञान, हवन, पूर्णाहूति एवं महाप्रसाद (भण्डारा) के साथ भागवत का कार्यक्रम संपन्न होगा। आयोजक बबली-दीपक तिवारी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगी तथा कथा उपरांत प्रतिदिन अन्नपूर्णा महाप्रसाद भण्डारा का आयोजन रखा गया है। पिछले 15 दिनों से गांव गांव में भागवत कथा आयोजन का प्रचार प्रसार एवं नगर सहित राजिम, बोरसी, जामगांव, कौन्दकेरा, बेलर आदि गांव में बड़े बड़े फ्लैक्स लगाकर भागवत आयोजन की जानकारी दी गई है। भागवत कथा आयोजक तिवारी परिवार ने अंचल के ग्रामीणों, श्रद्धालुजनों, भागवत प्रेमियों, आमंत्रित जनों, युवाओं, महिलाओं से भागवत कथा का श्रवणकर पुर्ण्याजन की अपील की है।
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