तीन घंटे में चार देशों में भूकंप के झटके, नेपाल-तिब्बत, भारत और पाकिस्तान हिले

भारत समेत चार देशों में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. तीन घंटे के अंदर भारत, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान के कई इलाकों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भारत में पटना के लोगों को सुबह 2.35 बजे तेज झटके महसूस किए जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की गई।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके नेपाल के बागमती प्रांत में भी तड़के करीब 2.35 बजे महसूस किए गए. नेपाल का बागमती प्रांत बिहार के मुजफ्फरपुर से 189 किलोमीटर उत्तर में पड़ता है. इस भूकंप में अभी तक किसी भी तरह की जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है. नेपाल ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश तिब्बत में भी यह झटके महसूस किए गए।

पाकिस्तान में डोली धरती

वहीं, पाकिस्तान में भी सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए. भूकंप की तीव्रता 4.5 रही. इससे पहले 16 फरवरी को भी पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. तब भूकंप का केंद्र रावलपिंडी से आठ किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था. भूकंप के झटकों की वजह से किसी भी तरह के नुकसान की खबरें सामने नहीं आई है.

इससे पहले शुक्रवार सुबह 2.48 बजे तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 रही थी. यहां भी इस दौरान किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. इस भूकंप का केंद्र धरती से 70 किलोमीटर की गहराई में था।

भूकंप क्यों और कैसे आता है?

वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए हमें पृथ्‍वी की संरचना को समझना होगा. पृथ्‍वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है और इस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ये प्लेट्स आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है. जब इससे डिस्‍टर्बेंस बनता है तो इसके बाद भूकंप आता है.

रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपीसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है।


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version