रिपोर्ट:मनोज सिंह ठाकुर
रायपुर(गंगा प्रकाश)।
दो हजार करेड़ से अधिक के शराब घोटाले को लेकर एसीबी ईओडब्लू की गुरूवार को छापेमारी पूरी हो गई है। टीमें कल आधी रात तक सभी 21 ठिकानों से लौटआई हैं। टीमें अपने साथ 19 लाख रूपए नगद और पेपर-डिजिटल एविडेंस के बड़ी संख्या में दस्तावेज और करोड़ों के जेवरात जब्त किया है। ईडी की एफआईआर के बाद से जांच और कल की छापेमारी के बाद एसीबी सूत्रों ने बताया कि इसमें से करीब 776 करोड़ का शराब घोटाला  विशेष सचिव एपी त्रिपाठी ने ही किया है। एपी को जमानत के तीन महीने बाद कल बिहार से गिरफ्तार कर रायपुर ले आया गया है।  एसीबी सूत्रों ने बताया कि ईडी की गिरफ्त में  अरुणपति त्रिपाठी नौ माह तक जेल में रहने के बाद बाहर निकले थे और बीते जनवरी माह से ही मोबाइल बंद कर फरार चल रहे थे। इन पर ईडी ने भी केस दर्ज कर रखा है।

बिहार के गोपालगंज में छत्तीसगढ़ की एसीबी टीम ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। वह जनवरी से फरार चल रहे थे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस की मदद से गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव में छापेमारी की। इसके बाद पूर्व आईटीएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी प्रकाश पति त्रिपाठी के पुत्र अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव रह चुके हैं। उनपर नौकरी में रहते हुए 776 करोड़ का शराब घोटाला करने का आरोप लगा है।

776 करोड़ के घोटाले के आरोप में पूर्व आईपीएस अधिकारी बिहार से गिरफ्तार, तीन महीने से फरार थे

छत्तीसगढ़ पुलिस की मानें तो अरुणपति त्रिपाठी नौ माह तक जेल में रहने के बाद बाहर निकले थे और बीते जनवरी माह से ही मोबाइल बंद कर फरार चल रहे थे। इन पर ईडी ने भी केस दर्ज कर रखा है।बिहार के गोपालगंज में छत्तीसगढ़ की एसीबी टीम ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। वह जनवरी महीने से फरार चल रहे थे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस की मदद से गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव में छापेमारी की। इसके बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

शराब घोटाला करने का आरोप लगा है

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी प्रकाश पति त्रिपाठी के पुत्र अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में अबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव रह चुके हैं। उनपर नौकरी में रहते हुए 776 करोड़ का शराब घोटाला करने का आरोप लगा है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव रहे अरुण पति त्रिपाठी पर शराब घोटाला का मामला दर्ज है।

जनवरी माह से ही फरार चल रहे थे

छत्तीसगढ़ पुलिस की मानें तो अरुणपति त्रिपाठी नौ माह तक जेल में रहने के बाद बाहर निकले थे और बीते जनवरी माह से ही मोबाइल बंद कर फरार चल रहे थे। इन पर ईडी ने भी केस दर्ज कर रखा है। जनवरी से छत्तीसगढ़ पुलिस और ईडी की टीम इनकी तलाश कर रही थी। इसी बीच टीम को सूचना मिली कि अरुणपति त्रिपाठी गोपालगंज में छिपे थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद आरोपी अरुपपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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