फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश) -दीपावली की रौनक बाजार से गायब है। मनमानी महंगाई ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ कर रख दी है। लग रहा है कि धनतेरस शुक्रवार 10 नवंबर से ही बाजार उठेगा। पिछले कुछ वर्षो से त्यौहारों के एकदम करीब आने पर यानी त्यौहार का उत्साह अंतिम 1-2 दिनों में सीमट कर रह गया है। कामावेश यही स्थिति इस समय दीवाली को लेकर भी दिख रही है। हिन्दू संप्रदाय का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली काफी नजदीक है लेकिन बाजार में कहीं भी रौनक नजर नहीं आ रही है। आज पुष्य नक्षत्र होने के बाद भी दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में खाली बैठे हुए है। केवल सोना चांदी के दुकानों में इक्का-दुक्का ग्राहक ही नजर आए। बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है इसकी ग्रामीणों ने एक खास वजह बताते हुए कहा कि किसान अभी किसानी कार्य में लगे हुए है। साथ ही सरकारी धान खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ हो चुकी है किसान दीपावली से पूर्व थोड़ा बहुत धान सोसायटी में बेचकर दीपावली खर्चा पूर्ति करने के फेर में है। वहीं दूसरी ओर ऐन दीपावली के समय विधानसभा चुनाव हो रहे है जिससे मजदूर वर्ग चुनाव कार्य में लगे हुए है। कोई झण्डा लगा रहा है तो कोई वाल पेंटिग कर रहा है कोई मतदाता सूची में दिमाग खपा रहा है। सोना चांदी सराफा, इलेक्ट्रानिक्स, मोटर साइकिल, बर्तन, कपड़ा, हार्डवेयर व अन्य व्यवसायी दीपावली को देखते हुए दुकान में सामान सजा तो लिए है मगर ग्राहकी नही होने से खाली बैठे हुए है। आटो मोबाईल का धंधा भी फीका पहले मोटर साइकिल दुकानों में दीपावली के लगभग 10-15 दिन पूर्व ही ग्राहक अपने अपने पसंद की मोटर साइकिल बुक करने पहुंच जाते थे। लेकिन अब गांव-गांव में शो रूम खुल जाने से दुकानों में ग्राहकी नही ंके बराबर है। अब तो व्यापारियों की पूरी आशा अंतिम 5 दिनों में रह गई है।
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