गरियाबंद/फिंगेश्वर/छुरा (गंगा प्रकाश)।धनतेरस 10 नवंबर से ही बाजार में दीवाली की ग्राहकी दिखी। गुरूवार तक तो व्यापारी ही तैयारी करते दिखे। धनतेरस की भीड़ से 10-11 नवंबर को भी अच्छी चहल-पहल रहने की उम्मीद है। धनतेरस पर्व पर बाजार में जमकर रूपया बरसा। सराफा, कपड़ा, ऑटो मोबाईल, बर्तन दुकानों में देर शाम तक खरीदी होती रही। सराफा व्यवसाय में अच्छे व्यवसाय का अनुमान है। शाम को घर व दुकानों के सामने 13 दिए जलाकर धन के देवता कुबेर से सुख समृद्धि की कामना की गई। वहीं बच्चों ने पटाखे फोड़कर खुशियॉ मनाई। पौराणिक मान्यता के चलते धनतेरस के दिन सोने-चांदी, पीतल, तांबा खरीदने से आयु तथा धान बढ़ता है। धनतेरस के दिन चांदी के सिक्के, पीतल, कांसे के बर्तन, वाहन खरीदने की इसी मान्यता के चलते लोगों ने खूब खरीददारी की। सराफा व्यवसायियों के अनुसार जिन लोगों ने पहले ही आभूषणों की बुकिंग करा रखी थी, वे शुभ समय पर आभूषण ले गए। शास्त्रों की मान्यता के चलते इस बार भी स्कूली छात्रों से लेकर बड़ो ने मॉ लक्ष्मी के चित्र वाले सिक्कों की खरीददारी की। नेकलेस, सोने के कंगन, मंगलसूत्र, सोने की अंगूठी, सोने व चांदी के सिक्के खूब बिके। पांच महीने से सोने के भाव में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है। इसका असर व्यवसाय पर पड़ा है। कपड़ा समेत अन्य दुकानों में ग्राहकों की भीड़ सुबह से रात तक रही। वहीं 12 नवंबर को लक्ष्मी पूजा की तैयारी के लिए लोग मॉ लक्ष्मी की मूर्ति, तस्वीर समेत पूजा सामग्रियों की खरीद की। शहर के मुख्य रोड समेत दुकानों पर लोगों ने सामग्रियों की खरीदी की। देर शाम को खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ रहीं। वहीं शहर के दुकान व घर डेकोरशन से चमक रहा था। लोग धनतेरस पर्व के लिए देर शाम को पूजा अर्चना की। गोवर्धन पूजा की तैयारी के लिए लोग सूपा-टोकरी, तेंदू की लाठी, शकरकंद, कोचई, कुम्हड़ा, मोर पंख की खरीददारी भी जमकर की।
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