गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। संविदा कर्मियों को सरकार ने 3 दिन का अल्टीमेटम जारी कर दिया है अगर संविदा कर्मचारी 3 दिन के भीतर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ सीधे एस्मा के तहत कार्यवाही की जाएगी साथ ही संविदा कर्मचारी कर्मियों के व्यवस्था की भी बात की गई है। जिसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है हाल ही में मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों को सौगात देते हुए उनके वेतन में जबरदस्त बढ़ोतरी की घोषणा की थी। सरकार ने संविदा कर्मचारियों के वेतनमान में 27% की वृद्धि कर दी है। इधर यूनियन अध्यक्ष का कहना है कि हमारी मांग नियमितीकरण की थी वेतन वृद्धि कि नहीं सरकार वेतन वृद्धि भी केवल प्रदेश सरकार की संविदा कर्मचारियों को दे रही है। एनएचएम प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे केंद्र के संविदा कर्मियों को तो वेतन वृद्धि का भी कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। सरकार ने 2018 के विधानसभा चुनाव के पूर्व हमारे मंच में आकर घोषणा की थी कि कांग्रेस सरकार की बनी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएगा मगर साडे 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी नियमितीकरण तो नहीं किया गया। वेतन वृद्धि से भी केंद्रीय योजनाओं के संविदा कर्मियों को यह कहकर अलग कर दिया कि यह केंद्र सरकार का मामला है। सरकार बनने से पहले घोषणा की तब यह इन्हें सब मालूम नहीं था। 3 दिन का अल्टीमेटम देने के बजाय बातचीत से रास्ता निकाले संविदा कर्मचारी संघ ने बताया कि नियमितीकरण नहीं किए जाने से नाराज कर्मचारी संवाद रैली के माध्यम से सरकार को संवाद करने की अपील की। संवाद रैली में कर्मचारी घुटनों के बल और दंडवत प्रणाम करके मुख्यमंत्री से जन घोषणा पत्र के वादे संविदा नियमितीकरण को पूरा करने की अपील की है। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल अपने संगठन की एकजुटता अनुशासन के प्रदर्शन और कड़े संघर्ष के लिए पहले ही प्रदेश स्तर पर सुर्खियों में हैं।
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