गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। खरीफ फसल के धान की खरीदी बंद हुए लगभग 3 माह से भी ज्यादा हो गए है, परंतु फिंगेश्वर सहकारी बैंक अंतर्गत 8 में से 4 केन्द्रों में अभी भी लगभग 13 हजार क्विंटल यानी 32500 कट्टा धान खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा है। इस वर्ष हुई गाहे-बगाहे वर्षा, हवा, अधड़ के बाद वर्तमान में 42-43 डिग्री की धूप में खरीदी केन्द्रों में धान भीग रहा है, सुख रहा है चूहे खा रहा है तो धान की मात्रा में कमी आना, सुखना स्वभाविक है। सहकारी बैंक फिंगेश्वर के प्रबधंक शेषनारायण पान्डे के अनुसार आज 7 मई की तारीख में बोरसी में 4500 क्विण्टल, बिनौरी भाठा में 4500 क्विण्टल, परसदाकला खरीदी केन्द्र में 2400 क्विण्टल एवं चरौदा में 2000 क्विण्टल करीबन धान उठाव के लिए शेष है। खरीदी के 95 दिन के बाद भी खरीदी केन्द्रों में इतना स्टॉक पड़े रहना अपने आपमें काफी परेशानी का कारण है। देरी से धान उठने में सुखती, चोरी, चूहे के बारदाना काटने आदि से कुल धान संग्रहण में कमी आना स्वभाविक है। फिंगेश्वर सहकारी बैंक अन्तर्गत 8 केन्द्रों में लगभग 5000 क्विंटल धान की शार्टेज का अनुमान है। अब इसका खामिजाना किस प्रकार पूरा होगा यह एक गंभीर प्रश्न है। बैंक सूत्रों ने बताया कि खरीदी व्यवस्था की जिम्मेदारी अकेले बैंक की नहीं बल्कि सहकारिता खाद्य मार्क फंड की भी होती है।
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