अरविन्द तिवारी

बेंगलुरु (गंगा प्रकाश)।– आप देश को जिस ऊंचाई पर लेकर गये , ये कोई साधारण सफलता नहीं। अनंत अंतरिक्ष में भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य का शंखनाद है। इंडिया इज ऑन द मून , वी हैव आवर नेशनल प्राइड प्लेस्ड ऑन मून। हम वहां पहुंचे जहां कोई नहीं पहुंचा था हमने वो किया जो पहले कभी किसी ने नहीं किया था। ये आज का भारत है निर्भीक भारत , जुझारू भारत। ये वो भारत है जो नया सोचता है और नये तरीके से सोचता है। जो डॉर्क जोन में जाकर भी दुनियां में रोशनी की किरण फैला देता है।

                            उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इसरो के टेलीमेट्री ट्रेकिंग और कमांड मिशन नेटवर्क कंट्रोल काम्प्लेक्स में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा 'सूर्योदय की बेला हो और बेंगलुरु का नजारा हो… देश के वैज्ञानिक देश को जब इतनी बड़ी सौगात देते हैं , इतनी बड़ी सिद्धि प्राप्त करते हैं। जो दृश्य मुझे बेंगलुरु में दिखाई दे रहा है , वो मुझे ग्रीस और साउथ अफ्रीका में भी देखने को मिला। आप सुबह-सुबह इतना जल्दी आये , मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा था। मैं दूर विदेश में था। तो मैंने सोच लिया था कि भारत जाऊंगा तो पहले बेंगलुरु जाऊंगा। सबसे पहले उन वैज्ञानिकों से मिलूंगा और उन्हें नमन करूंगा। उन्होंने कहा - मैं सुबह-सुबह यहां आ गया , मुझे पता है आप सभी को दिक्कत हुई होगी। लेकिन मैं आप लोगों को परेशान नहीं करना चाहता था। आपके दर्शन करने की बेसब्री थी , आप सभी को मैं सेल्यूट करता हूं , आपकी मेहनत - आपके धैर्य को सेल्यूट करता हूं। अपने संबोधन के दौरान भावुक होते हुये पीएम मोदी ने कहा - आप सभी के बीच आकर आज एक अलग ही खुशी महसूस कर रहा हूं। शायद ऐसी खुशी बहुत दुर्लभ अवसरों पर होती है , जब ऐसी घटनायें घटती हैं तो बेसब्री हावी हो जाती हैं। इस बार मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है , इतनी बेसब्री। मैं साउथ अफ्रीका में था फिर ग्रीस का कार्यक्रम था , वहां चला गया- लेकिन मेरा मन पूरी तरह आपके साथ ही लगा हुआ था।
                         गौरतलब है कि प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी चार दिनों की विदेश यात्रा पूरी कर सीधे एचएल एयरपोर्ट बेंगलुरु में उतरा। यहां से प्रधानमंत्री मोदी चंद्रयान-3 की चांद पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग को सफल बनाने वाले वैज्ञानिकों से मुलाकात करने इसरो  पहुंचे। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत के लिये बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश के वैज्ञानिक जब देश को इतनी बड़ी सौगात देते हैं तो जो दृश्य में मुझे बेंगलुरु में दिख रहा है , वही मुझे ग्रीस और जोहान्सबर्ग में भी दिखाई दिया।पीएम मोदी ने कहा कि दुनियां के हर कोने में ना सिर्फ भारतीय बल्कि विज्ञान में विश्वास करने वाले भविष्य को देखने वाले , मानवता को समर्पित सब लोग इतने ही उमंग और उत्साह से भरे हुये हैं। जब मैं विदेश में था तो मैंने तय किया किया कि भारत जाऊंगा तो पहले बेंगलुरु जाऊंगा और  सबसे पहले वैज्ञानिकों को नमन करूंगा। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 'जय जवान, जय अनुसंधान' का नारा भी दिया। पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुये कहा कि मैं कहूंगा जय विज्ञान तो आप कहेंगे जय अनुसंधान।  पीएम मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने वहां आये लोगों को धन्यवाद करते हुये कहा कि ये समय यहां उद्बोधन का नहीं हैं , क्योंकि मेरा मन वैज्ञानिकों के पास पहुंचने के लिये उत्सुक है। मैं आपका धन्यवाद करता हूं कि बेंगलुरु के नागरिक अभी भी उस पल (चंद्रयान-3 की लैंडिंग) के उमंग और उत्साह को जीकर दिखा रहे हैं। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुये कहा -  चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. संबोधन के बाद पीएम मोदी ने महिला वैज्ञानिकों से मुलाकात की।

युवाओं को दिये दो टास्क - 

पहला टास्क - पुरानी खगोलीय गणनाओं को साइंटिफिक तौर पर साबित करें। भारत के पास विज्ञान के ज्ञान का खजाना है। वह गुलामी में छिप गया था उसे अब खंगालना है।दूसरा टास्क - हमारी युवा पीढ़ी को आज की आधुनिक टेक्नोलॉजी के नये आयाम देने हैं। आसमान से लेकर समंदर तक करने के लिये बहुत कुछ है। डीप अर्थ से लेकर डीप सी तक रिसर्च करें। नई पीढ़ी के कंप्यूटर बनाईये। 

पीएम ने की तीन घोषणायें - 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसरो के कमांड सेंटर में तीन घोषणायें कीं। पहली - 23 अगस्त को हर साल भारत नेशनल स्पेस डे मनायेगा। दूसरा - चांद पर लैंडर जिस जगह उतरा , वह जगह शिव-शक्ति पॉइंट कहलायेगी। तीसरी - चांद पर जिस जगह चंद्रयान-2 के पद चिन्ह हैं , उस पॉइंट का नाम 'तिरंगा' होगा। इसके पहले इसरो कमांड सेंटर पर इसरो चीफ एस सोमनाथ ने पीएम मोदी को गुलदस्ता देकर स्वागत किया। पीएम ने सोमनाथ को गले लगाया और पीठ थपथपाई और उन्हें चंद्रयान 3 मिशन के सफल होने पर बधाई दी। इस दौरान उन्होंने टीम के सभी वैज्ञानिकों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। बताते चलें 23 अगस्त की शाम को जब चंद्रयान-3 का लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरा उस वक्त प्रधानमंत्री ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिये दक्षिण अफ्रीका के दौरै पर थे। चंद्रमा की सतह पर विक्रम की लैंडिंग के बाद पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपना संबोधन भी दिया था। उन्होंने इसे देश के साथ पूरे विश्व की मानवजाति के लिये एक बड़ी उपलब्धि बताया था।



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