मैनपुर (गंगा प्रकाश)। पीएम सड़क योजना का प्रमुख उद्देश्य देश के ग्रामीण इलाकों में अंतिम छोर तक सड़क-संपर्क से वंचित गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है यानि की हर गाँव तक पक्की सड़क का निर्माण करना योजना का मुख्य उद्देश्य है।

पी एम सड़क योजना के माध्यम से जिन गांवों में पहले से सड़के बनी हुई है उन गांवों में सड़कों की मरम्मत करवाई जाती है। यह योजना ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के संचालन से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले नागरिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है।



गांव के ग्रामीण हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी और समग्र आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। यह सामानों के बेहतर वितरण और सेवाओं, सुविधाओं और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए रास्ता खोलता है। इससे ग्रामीण आबादी के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों के योजनाबद्ध विकास के सन्दर्भ में ग्रामीण सड़कों के विकास पर सरकार का फोकस है। पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) भारत में ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
पीएमजीएसवाई केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना है, इसका उद्देश्य गांवों को दुर्गम बस्तियों में पक्की सड़क नेटवर्क के निर्माण में मदद करना है। इसे गरीबी दूर करने के कदम के रूप में परिकल्पित किया गया था। साथ ही, ग्रामीण सड़क नेटवर्क के सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए उच्च तकनीकी और प्रबंधन मानकों (मैनेजमेंट स्टैंडर्ड) को स्थापित करने और राज्य स्तरीय नीति विकास की योजना बनाई गई थी। यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करती है और शहरी सड़कों को पीएमजीएसवाई कार्यक्रम के दायरे से बाहर रखा गया है।गांव की ओर सुगमता से पहुंचने के लिए पी एम सड़क योजना बनाई गई है मगर यह सड़क में भ्रष्टाचार के कारण रोड गुणवत्ताहीन बनाई जाती है मेन रोड से लगी सड़कों को मजबूती से बनाया गया है मगर जैसे ही बीहड़ वनांचल तीन से चार किलोमीटर अंदर जाते जाएं वैसे ही रोड की गुणवत्ता खत्म हो जाती है । जहां पर डडईपानी से धवलपुर रोड का निर्माण किया गया है।जो कि 7.925 किलोमीटर की पी एम सड़क योजना के तहत बनाई गई है ।जो की वास्तव में दबनई से छिन्दौला तक बना है।जिसकी बधान का मिट्टी कार्य 19845.55 घन मीटर ट्रक समतुल्य पानी डाल कर रोलर से दबाया हुआ है। व दानेदार उप आधार 5844.11घन मीटर 413 ट्रक के सम तुल्य पानी डालकर रोलर से दबाया हुआ है । गिट्टी किरित परत या दो परतों में डब्लू बी एम प्रत्येक परत 7.6 सेंटीमीटर मोटी घन मीटर प्रत्येक परत अलग निर्मित की गई है। गिट्टी 4713.81 घन मीटर 333 ट्रक के समतुल्य गिट्टी सुखी मिट्टी रोलर से दबाया गया है ।पत्थर का चूरा या मुरूम से दबाया जाना बताया गया है। पुनः रोलर से दबाया जाना व पुनः पानी डालकर रोलर से दबाया जाना बताया है उसके बाद डामरी कृत परत प्राइमर कोर्ट 21720 किलोग्राम लीटर टेक कोड 7757 किलोग्राम लीटर पूर्व से मिश्रित कारपेट 20 मिलीमीटर मोटी से कुल मिश्रण 3129.15 घन मीटर घन मीटर ट्रक के समतुल्य बताया गया है जिसका निर्माण प्रारंभ की तिथि सन 2017 से पूर्ण करने की तिथि सन 2018 है अवधि जिसकी गारंटी अवधि 5 वर्ष की बताई गई है । मगर सड़क को देखे तो बिना डब्लू बी एम मिट्टी की परत ऊपर डामरीकरण कर दिया गया है । जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कत है को सामना करना पड़ रहा है बीहड़ वनांचल क्षेत्र जो लगभग चार से पांच गांवों को जोड़ती है वह रोड पूरी तरह जर्जर हो चुकी है जिस तरह से रोड को ट्रक समतुल्य बताया गया है से साफ पता चलता है की रोड किस तरह से बनाया गया है वर्तमान में इस रोड पर 10 से 12 चक्का की ट्रक की आवागमन रोज होती है जिससे रोड जर्जर होकर कीचड़ युक्त हो गया है जिससे लगे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तस्वीर साफ बयां कर रही हैं कि इस रोड की हालत क्या है अब देखना यह है कि इस रोड को किस गुणवत्ता से बनाई गई है और यह रोड कब तक और चलेगी जिसकी गारंटी कौन देगा यह बताना मुश्किल है।
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