गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। शासन के निर्देशानुसार बच्चों को कृमि से मुक्त करने 10 फरवरी को प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द मे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम मनाया गया शिक्षक खोमन सिन्हा ने बताया कि कृमि संक्रमण से बच्चों और किशोर किशोरियों में कुपोषण और खून की कमी होती है जिसके कारण हमेशा थकावट रहती है संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास नहीं होता कृमि संक्रमण की रोकथाम के उपाय खुले में शौच बिल्कुल नहीं होनी चाहिए बच्चे बाहर से खेल कर आ रहा है तो उसके हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धुलवाए शौच के बाद हाथ धुलवाए खाना खाने के पहले अच्छे से हाथ धुलवाएं एल्बेंडाजोल की खुराक हर 6 महीने में अनिवार्य रूप से बच्चों को खिलाया जाए जिससे पेट के कीड़े जड़ से खत्म हो जाए हमेशा साफ पानी पीना चाहिए खाने को ढक कर रखना चाहिए साफ पानी से फल व सब्जियां धोना चाहिए अपने आसपास को साफ सुथरा रखना चाहिए जूते चप्पल पहनना चाहिए खुले में शौच न करें हमेशा शौचालय का प्रयोग करें बच्चों को कृमि नियंत्रण के फायदे खून की कमी में सुधार बेहतर पोषण स्तर स्कूल और आंगनवाड़ी में उपस्थिति तथा सीखने की क्षमता में सुधार लाने में मदद भविष्य में कार्य क्षमता और औसत आय में बढ़ोतरी वातावरण में कृमि की संख्या कम होने पर समुदाय को लाभ मिलता है जिन बच्चों किशोर किशोरियों की आंतों में कृमि होते हैं उन्हें दवाई खाने पर मामूली प्रतिकूल लक्षण जैसे जी मिचलाना पेट में हल्का दर्द उल्टी दस्त और थकान महसूस हो सकती है घबराएं नहीं प्रतिकूल नीति चरणों का पालन करें बताया गया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरपंच टिकेश साहू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सी एच ओ भूपत देव साहू प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव शिक्षक घनश्याम कंवर दुर्गेश विश्वकर्मा लीलाराम मतवाले मंदाकिनी साहू निरूपा निषाद शिक्षक खोमन सिन्हा उपस्थित रहे
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