गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। भारत रत्न समाज सुधारक अथाह ज्ञान के सागर राष्ट्र के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 132 वीं जयंती मनाया गया डॉ भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा का विधिवत पूजा अर्चना कर उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए शिक्षक खोमन सिन्हा ने बताया कि इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है बाबा साहब ने मानव जाति के उद्धार के लिए अनेक काम किया संविधान की रचना कर देश में पहले छुआ छूत एवं उच्च नीच के भेदभाव को मिटाया बाबासाहेब ने कहा है कि कागज और कलम की ताकत दुनिया की हर ताकत से बड़ी है एक रूपी कम खाओ पर बच्चों को जरूर पढ़ाओ साथ ही उसने यह भी कहा है कि मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व सीखना है शोषितों और वंचितों के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के लिए उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेगी संस्था के प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती 2024 के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं यह एक महत्वपूर्ण और गौरव का क्षण है जब हम समझ में न्याय और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोबारा समझौते हैं अंबेडकर जयंती हमें उन महान विचारक समाजसेवी की याद दिलाता है जिन्होंने अपने जीवन को समाज को न्याय और समानता की दिशा में बदलने के लिए समर्पित किया।
There is no ads to display, Please add some


