गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द मे कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान कृष्ण के पूजा अर्चना एवं आरती के साथ हुआ। बच्चों को कृष्ण जन्माष्टमी का मह्त्व बताते हुए शिक्षक खोमन सिन्हा ने कहा कि सनातन संस्कृति और हिन्दू धर्म में भगवान श्री कृष्ण का विशेष महत्व है। जन्माष्टमी के दिन ही भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। जिसे हम कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण ने देवकी की गर्भ से मथुरा के कारागार में जन्म लिया था। इसीलिए मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व विशेष तौर पर भव्य रूप से मनाया जाता है, जहां कृष्ण की नगरी में विशेष रौनक होती है। जन्माष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं के महत्व को उजागर करता है और भक्तों के लिए इसे मनाना एक दिव्य अनुभव होता है। इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में विविध खेल कूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मटका फोड़, फुगड़ी, बोरा दौड़, स्लो साइकिल रेस, मोमबत्ती जलाओ कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। सभी विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया। जिसमें फुगड़ी में खुशबू साहू, मोमबत्ती जलाओ में तन्मय साहू, बोरा दौड़ में खुशबू साहू, डोगेंद्र साहू, मटका फोड़ में प्रतिज्ञा नागरची, स्लो साइकिल रेस में डेविड निर्मलकर प्रथम स्थान प्राप्त किया जिनको अतिथियों के द्वारा सम्मानित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम में गांव के गणमान्य नागरिकों के साथ देवेंद्र वर्मा, वाकेश कंडरा, थानसिंह साहू, महेंद्र साहू, जोहन साहू, रामजी साहू, खोमन साहू, दयालु कंडरा, प्रधान पाठक जगन्नाथ धु्रव, दुर्गेश विश्वकर्मा, लीलाराम मतवाले, मंदाकिनी साहू, निरूपा निषाद, समस्त छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक खोमन सिन्हा उपस्थित रहे।
There is no ads to display, Please add some


