फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। फणिकेश्वर नाथ शासकीय महाविद्यालय फिंगेश्वर जिला-गरियाबंद (छ.ग.) में राज्य शासन के निर्देशानुसार ‘‘वीर बाल दिवस’’ मनाया गया। दसवें सिक्ख गुरू गोविन्द सिंह के पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्रीमती श्वेता मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरू गोविन्द सिंह के दो वीर पुत्रों को वजीर खान ने धर्म परिवर्तन हेतु विभिन्न प्रकार से यातनाएं दी, फिर भी धर्म परिवर्तन नही करने पर उन्हें जिन्दा दीवारों में चुनवा दिया गया था। प्रो. तीरथ राम कपूर ने ‘‘वीर बाल दिवस’’ के आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी सभा में साझा करते हुए कहा कि 26 दिसम्बर 1705 का दिवस भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिवस है जो हमें गुरू गोविन्द सिंह के वीर बहादुर पुत्रों के जुल्मों के खिलाफ अडिग रहकर शहीद हो जाने का स्मरण कराता है तथा हमें शत्रुओं के आगे नही झुकने की सीख देता है। महाविद्यालय के प्रो. कमलेष्वर प्रसाद निषाद ने छात्र-छात्राओं के गुरू गोविन्द सिंह के चार पुत्र बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझावर सिंह, बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह व माता गुजरी बाई पर मुगलों के द्वारा जबरदस्ती धर्म परिवर्तन हेतु दबाव डालना व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर शहादत हेतु मजबूर करने की घटना को सभा के समक्ष रखा। उक्त अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं हेतु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं उत्साहपूर्वक भाग लिया। बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा कु. मानषी सोनी ने अपने भाषण में मुगलों द्वारा हिन्दुओं के प्रति क्रूरता व अत्याचारों का वर्णन किया तथा छात्र-छात्राओं को अपने सनानत हिन्द धर्म के सिद्धांतों पर जीवन पर्यन्त चलने प्रेरित किया। बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र नेमन साहू ने छात्र-छात्राओं को बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के समान साहसी व अडिग रहने के लिए र्प्रेरित किया। महाविद्यालय के सिक्ख संप्रदाय के प्रतिनिधि अतिथि प्राध्यापक सतप्रीत सिंह गुरूदत्ता ने छात्र-छात्राओं को गुरू गोविन्द सिंह के सिद्धांतों से परिचित कराया उनके सिद्धांत पर चलने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्रो. रितेष गोलछा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ‘‘वीर बाल दिवस’’ हमारे छात्रों में त्याग व समर्पण की भावना का विकास करता है। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय में सभी प्राध्यापक व कार्यालयीन कर्मचारी तथा स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं छात्र-छात्राओं के अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करायी।
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