गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। फिंगेश्वर विकासखंड की हथखोज रेत खदान में लगातार 2 बार महासमुंद के जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन द्वारा महासमुंद के अंतिम छोर में स्थित चिंगरौद रेत खदान में चल रहे अवैध रेत खदान के नाम पर मारे गए छाप में हथखोज रेत खदान में की गई कार्यवाही को जबरदस्ती परेशान करने वाली कार्यवाही मानते हुए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की जा सकी है। बताया जाता है कि महासमुंद जिले के चिंगरौद रेत खदान एवं गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड की हथखोज रेत खदान एक ही जगह नदी के दोनों किनारे में स्थित है। जिसका एक किनारा फिंगेश्वर विकासखंड में हथखोज रेत खदान है और दूसरा किनारा महासमुंद जिले की चिंगरौद रेत खदान में आता है। दोनों खदानों का एरिया आजू-बाजू है। यही कारण है कि महासमुंद के अधिकारी-जनप्रतिनिधि आते है अनाधिकृत रूप से चल रही चिंगरौद रेत खदान में नियमानुसार चल रहे उत्खनन-परिवहन करने वालों को परेशान होना पड़ता है। आज गरियाबंद खनिज अधिकारी फागुराम नागेश से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हथखोज में स्वीकृत रेत खदान निर्धारित रकबे एवं क्षेत्र में नियमानुसार प्रातः 6 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही है। इसके लिए नियमित पीटपास जारी किया जा रहा है। यह खदान अक्टूबर 2024 तक के लिए स्वीकृत है। हथखोज के ग्रामीणों ने बताया कि चिंगरौद तरफ कोई रेत खदान नहीं चल रही है और न ही कोई अवैध खनन हो रहा है। महासमुंद के अधिकारी जनप्रतिनिधि बेवेजह हमारे गांव में नियमानुसार चल रही खेत खदान में आकर दादागिरी करते है। ग्रामीणों ने बताया कि पीटपास के साथ रेत खनन कर परिवहन की जा रही गाड़ियो को महासमुंद तरफ से जाने पर भी जबरदस्ती परेशान किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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