फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। शहर मे एक बार फिर प्रमुख पर्व तीजा पोरों को लेकर चहल पहल का वातावरण बन गया है। बाजार मे पोला पर्व को लेकर नांदिया बैल की बिक्री शुरू हो गई है अनेक स्थानो पर मिटटी से बने बैल एवं लकड़ी से बने बैल बिक्री के लिये बडे पैमाने पर सज गये है। पोला पर्व मे आम तौर पर कृषक परिवारों द्वारा कृषि कार्य में उपयोग मे आने वाले बैल की पूजा अर्चना करने का विधान है जिसके चलते इस दिन बैल को नहला धुलाकर साज सज्जा के साथ उसकी पूजा अर्चना की जाती है साथ हीं इस दिन खेती कार्य मे जाने की मनाही होती है।वहीं पोला पर्व पर आम लोगों के घरों मे नांदिया बैल के प्रतीक स्वरूप मिटटी के बने बैल की पूजा अर्चना कर उन्हे छत्तीसगढिया व्यंजन चीला, गुलगुला भजिया, पुडी, चौसेला, आलू भजिया, मिर्ची भजिया, नमकीन भजिया एवं खिचड़ी बनाकर उत्साह पूर्वक पर्व मनाया जाता है।पोला पर्व को लेकर शहर के अनेक चौक चौराहो पर मिटटी व लकड़ी के बने नांदिया बैल बड़े पैमाने पर बिक्री के लिये उपलब्ध है इस वर्ष भी उक्त मिटटी व लकड़ी निर्मित बैल महंगाई की मार की वजह से महंगे दामो पर बिक रहे है मिटटी के बैल जहां 50 रूपये जोड़ी पर बेचे जा रहे है वहीं लकड़ी निर्मित बैल 60-70 रूपये के बीच बिक्री के लिये उपलब्ध है। मिट्टी का खिलौना भी 40 रूपये सेट में बेचा जा रहा है।आज 13 सितंबर बुधवार को दिनभर बदली और रह रह कर हुई वर्षा के कारण कुम्हारो का धंधा काफी कम रहा।जबकि आज ही सबसे ज्यादा बिक्री की बात कही जा रही थी।
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