गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। -जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भावसिंग साहू चुनाव के मौके पर भाजपा द्वारा की जा रही द्वैषपूर्ण कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्होंने भाजपा के तुष्टीकरण के आरोप पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है। 5 साल पहले लगातार छत्तीसगढ़ नक्सली समस्या से जल रहा था। अब उसे कांग्रेस ने बहुत पीछे धकेल दिया है। बीजेपी को खून पसंद है। हिंसा और घृणा पसंद है। इस वजह से उनके कार्यकाल में नक्सली गतिविधियॉ बढ़ी। अब जब नक्सली गतिविधियॉ शांत हो रही है तो बीजेपी द्वारा ईडी के माध्यम से उसे गर्म किया जा रहा है। केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जितनी भी खदानें है सबको अडाणी को सौंपने का षडयंत्र किया जा रहा है। भाजपा द्वारा मीडिया को ध्यान दूसरे तरफ भटका कर एसईसीएल खदान को दे दिया गया। एनएमडीसी जो हिंदूस्तान का सबसे बड़ा लोह अयस्क उत्पादक है उसको हटाकर अडाणी को दे रहे थे। राज्य सरकार बीच में खड़ी है इस वजह से अडाणी को नहीं दे पा रहे है। इन खदानों को कैसे भी बेचने का केन्द्र सरकार का षडयंत्र है। बीजेपी तरह-तरह की बयानबाजी कर आरोप लगा रही है। छत्तीसगढ़ में कानून का राज है। गलत चाहें जो भी करें उसे खिलाफ कार्यवाही होगी। सट्टे को लेकर मचे बवाल पर भावसिंग साहू ने कहा कि महादेव एप्प बहुत सारे राज्यों में फैला हुआ है। भाजपा शासित जो भी राज्य है बीजेपी बताएं कि महादेव एप्प के खिलाफ कार्यवाही की गई है ? उसके जितने भी नेटवर्क है वह दूसरे राज्यां से चल रहे है लेकिन फिर भी कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में कार्यवाही की। इसके बावजूद बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। भावसिंग साहू ने कहा कि यह षडयंत्र दिल्ली से चल रहा है। हर हाल में यहां के लोहा, कोयला जितने खदानें है उस पर केन्द्र की गिद्ध की तरह नजर है लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता जान चुकी है। इनके बहकावे में नहीं आने वाली। उन्होंने कांग्रेस के संकल्प शिविर पर कहा कि आज 24 विधानसभा में संकल्प शिविर पूरा हो जाएगा। वहीं राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने को लेकर कहा कि 2 सितंबर मेला ग्राउंड में युवा सम्मेलन होगा। इसमें राहुल गांधी आएंगे। वो युवा क्लब, राजीव गांधी मितान क्लब और जितने भी युवा संगठन है। उन सभी लोगों से की बड़ी सभा होगी। सबसे राहुल गांधी चर्चा करेंगे।
There is no ads to display, Please add some
