सकड़ा कच्चा रास्ता और बिना सुरक्षा संकेत की लिया जा रहा कार्य 

धरमजयगढ़ (गंगा प्रकाश)। धरमजयगढ़ नगरपंचायत अंतर्गत दमाश में मलका रिन्युवल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड सिकंदराबाद द्वारा मांड प्रोजेक्ट द्वारा 8 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य चल रहा है जिसमें केनाल का कुछ कार्य मेसर्स मुस्कान अग्रवाल पत्थलगांव को पेटी ठेका में दिया गया है । जहां गुरुवार को मलका कंपनी की लापरवाही से डंफर वाहन पलटने से ड्राइवर बैजनाथ कोल उम्र 46 वर्ष सकिन-बरदी, थान – चतरंगी, जिला-सिंगरौली, मध्यप्रदेश की जान चली गई।

कंपनी की लापरवाही से हुआ हादसा

मलका प्रोजेक्ट द्वारा केनाल बनाने के लिए लगभग 15 फिट गड्ढे का खुदाई किया गया है जिस केनाल से मांड नदी का पानी होकर गुजरेगा, केनाल के लिए खुदाई तो की गई है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से कोई सावधानी संकेत या फिर रिबन नहीं लगाया गया है। जो कि हादसों को न्यौता दे रहा था क्योंकि केनाल के एक और खेती किया गया है वही दूसरी ओर केनाल के मिट्टी का मेढ़ बनाया गया है जिसमें औपचारिक रूप से मलका कंपनी द्वारा रास्ता के रूप में उपयोग किया जा रहा है उसी के ऊपर से डंपर वाहन चलाकर कार्य किया जा रहा है जो कि बहुत संकड़ी मार्ग है साथ ही बरसात के वजह से मिट्टी का कटाव भी हो चुका है जिसके बाद भी मलका कंपनी द्वारा इस मार्ग का उपयोग किया जा रहा था जिसकी वजह से गुरुवार को बेगुनाह ड्राइवर बैजनाथ कोल की जान चली गई।

मामला को रफा दफा करने में लगे कंपनी के जिम्मेदार

गुरुवार को घटना होने के बाद तत्काल मृतक को सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ लाया गया जिसके बाद वही परिजनों के नहीं होने की वजह से परिजन आने के बाद शुक्रवार सुबह मृतक बैजनाथ का पोस्टमार्टम किया गया वही मृतक के परिजनों को मेसर्स मुस्कान अग्रवाल द्वारा तत्काल शव वाहन बुलाकर सिंगरौली भेज दिया गया उन्हें कुछ बोलने ओर समझने का मौका नहीं दिया गया जिससे मृतक के परिजनों के मन में कंपनी ओर ठेकेदार प्रति कई प्रकार का शंका जाहिर हो रहा। 

रोहित श्रीवास्तव मलका प्रोजेक्ट मैनेजर से बात करने पर बताया कि मृतक बैजनाथ के सात छोटे छोटे बच्चे है जिसके लिए मेरे द्वारा उनके परिजनों को जब तक उनके बच्चे छोटे है उन्हें पंद्रह हजार रुपए पालन पोषण के लिए दूंगा जब तक वो बड़े नहीं हो जाते मैने उनके परिवार वालों को यह लिखकर दिया है। वही मेरे ही वकील द्वारा बीमा क्लेम कर भुगतान राशि मुआवजा के तौर पर बच्चों के दिलाया जाएगा।

महेश राम (मृतक का जीजा) से हमारे संवाददाता द्वारा फोन के माध्यम से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा मृतक बैजनाथ का ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया है जिसके बाद ही वे कुछ मुआवजा राशि देंगे बोले है, जबकि बैजनाथ का ओरिजनल ड्राइविंग लाइसेंस मुस्कान अग्रवाल के पास है तो मैं कहा से लाइसेंस लाकर दूं, वही हमें बस एक एम्बुलेंस और दस हजार रुपए दे दिया गया मृतक का काम काज के लिए। ओर जो पंद्रह हजार रुपए देने की आप बात बोल रहे वो हमसे कोई बात नहीं हुई है हमें कंपनी के रैवए से लग रहा है कि वो मामला को रफा दफा करना चाह रहे है ।

मलका के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित श्रीवास्तव की बातें ओर परिजन के बातों से यह जाहिर हो रहा है कि कही ना कही मृतक के मुआवजे को लेकर कंपनी लापरवाही बरत रही है।


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