गरियाबंद(गंगा प्रकाश):-युवा मौज-मस्ती और अपने शौक पूरा करने के लिए जरायम की दुनिया की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। महंगी बाइक, फैशनेबल चश्मे, ब्रांडेड जूते, कपड़े और मोबाइल खरीदने के लिए अपराधी बन रहे हैं। यहां तक कि गर्ल फ्रेंड को घूमाने-फिराने और गिफ्ट देने के लिए भी पैसों का जुगाड़ करने को आपराधिक वारदातों को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।पोर्न वीडियो देखकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म तक कर रहे हैं।महंगे कपड़े, जूते, मोबाइल और लक्जरी लाइफ का जुनून को अपराध के रास्ते पर धकेल रहा है। इस शौक को पूरा करने के लिए वे चोरी, लूट और अपहरण तक कर रहे हैं। मोबाइल पर दिनभर इंटरनेट का इस्तेमाल करने का असर भी लोगी पर दिख रहा है।पोर्न वीडियो देखकर वे छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध भी करने लगे हैं। पिछले कुछ वर्ष के पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि चोरी,लूट,अपहरण, हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में बढ़ोतरी हुई हैं और लगातार पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ कार्यवाहियां हुई हैं।ऐसा ही एक मामला जिला गरियाबंद से सामने आया हैं जंहा अपने महंगे शौक को पूरा करने एक दामाद ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक युवक ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। मोबाइल का सिम बदल कर खुद की फोटो अपने साले को भेजी और दो लाख रुपए की फिरौती मांगी। इस पर साला घबराया हुआ थाने पहुंचा और मामला दर्ज कराया। साइबर सेल की मदद से पुलिस 6 घंटे में ही आरोपी तक पहुंच गई। पूछताछ में पता चला कि युवक ने अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए सारी कहानी गढ़ी थी। इसके बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है।
व्हॉट्सऐप कॉलिंग कर मांगे रुपए
जानकारी के मुताबिक, अमलीपदर के पानी गांव निवासी रुपेंद्र प्रधान (27) 29 सितंबर को अचानक लापता हो गया। अगले दिन उसके साले मूचबहाल निवासी मनोज सोनवानी के मोबाइल पर अंजान नंबर से रुपेंद्र की फोटो आई और फिरौती में दो लाख रुपए मांगे गए। इस पर मनोज थाने पहुंचा और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि व्हॉट्सऐप पर आई फोटो में रुपेंद्र मुंह के बल लेटा हुआ है। फोटो भेजने वाले ने व्हॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए ही फिरौती की रकम भी मांगी है।
एक साल पहले ही हुई है रुपेंद्र की शादी
मनोज ने पुलिस को बताया कि उसे धमकी भी दी गई है कि पुलिस के पास पहुंचा तो अपने जीजा से हाथ धो बैठेगा। एक साल पहले ही उसकी बहन से रुपेंद्र की शादी हुई है। उसका एक बच्चा भी है। इसके बाद SP ने अलग-अलग टीमें बनाई और SDOP अनुज गुप्ता को जिम्मेदारी सौंप दी। जांच के दौरान पुलिस महज 6 घंटे में ही आरोपी तक पहुंच गई। वहां रुपेंद्र मिला तो सारा मामला सामने आ गया। इसके बाद पुलिस उसे दो अक्टूबर की देर रात हिरासत में लेकर गरियाबंद पहुंची।
कोंडागांव से पुलिस ने बरामद किया
SP ने बताया कि रुपेंद्र ने रुपयों की लालच में खुद ही अपहरण की कहानी गढ़ी थी। उसे कोंडागांव के बांसकोट स्थित एक सुनसान मकान से पकड़ा गया है। उसके पास से तीन सिम और मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ में रुपेंद्र ने बताया कि उसे महंगी गाड़ियों और मोबाइल का शौक है। इसे पूरा करने के लिए उसके पास रुपए नहीं थे। ऐसे में उसने खुद का ही अपहरण कर लिया और परिजनों से फिरौती की मांग की। 2 अक्टूबर की रात को ही आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड में लिया गया था,आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 ए के तहत मामला दर्ज किया गया,आज न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया हैं।
उक्त मामले में रही इन जिम्मेदारों की मुख्य भूमिका
इस मामले के खुलासे में एएसआई जैन सिंह दीवान, छबिलाल टांडेकर,प्रधान आरक्षक अंगद राव,दीप्तनाथ प्रधान,गणेश साहू,राहुल तिवारी,जय प्रकाश मिश्रा,सुशील पाठक समेत एसपी की स्पेशल टीम की मुख्य भूमिका रही।
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