गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। भीषण पड़ रही गर्मी के देखते हुए जीव जंतु बोर्ड ने मूक पशुओं की सुरक्षा पर दिया आदेश। दोपहर 12 बजे से अपरान्ह 3 बजे की अवधि में बैल, भैंस, ऊंट, खच्चर, गधा एवं टटू से वजन खींचना और वजन ढोने का काम नहीं लिया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड का यह सख्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। भीषण गर्मी तेज धूप, 40 डिग्री सेल्सियस के करीब जा पहुंचा तापमान, अब पालतू एवं घुमंतू मवेशियों पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है। ऐसे पशु जिनसे वजन खींचना या ढोने के काम लिए जाते है उन पर चढ़ता पारा नुकसान की वजह बन सकता है। लिहाजा प्रतिबंध का फैसला लिया चुका है। इन दिनों पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब है। तेज धूप और गर्म हवाएं दोपहर में मवेशियों को नुकसान पहुंचा सकती है। यह नुकसान डिहाइड्रेशन और लू के रूप में देखा जा सकता है। इसलिए सलाह दी जा रही है कि प्रतिबंध की अवधि में मवेशियों के लिए छायादार जगह की व्यवस्था करें। साथ ही भरपूर मात्रा में चारा एवं पानी उपलब्ध करवाएं। प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की यह व्यवस्था हर हाल में मवेशी मालिकों को करना होगा। राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड का यह आदेश बैल, भैंस, ऊंट, खच्चर गधा और टटू के द्वारा वजन खींचना और वजन ढोने जैसा कार्य पर सख्ती से प्रभावी होगा। आदेश के मुताबिक 1 मई से 30 जून की अवधि में दोपहर 12 से अपरान्ह 3 बजे के बीच इस आदेश का पालन मवेशी मालिकों को अनिवार्य रूप से करना होगा। जांच में नियमों का उल्लंघन होना पाया गया तो पशु क्रूरता निवारण एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम 1965 के तहत 6 (3) के तहत कार्यवाही की जाएगी। मुख्यालय ने उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, अनुविभागीय अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला एवं जनपद पंचायत के अलावा स्थानीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को जारी आदेश का परिपालन एवं जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
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