विनय सिंह
बेमेतरा (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में कबीरधाम के साहित्यकार छन्दविद सुखदेव सिंह अहिलेश्वर की कृति “बगरय छन्द अँजोर” छत्तीसगढ़ी छन्द संग्रह का विमोचन मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने राजशाही गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया, बधाई और शुभकामनाएँ दी। उपस्थित साहित्यिक विभूतियों के द्वारा कलमकार का ताली बजाकर अभिनन्दन किया गया। सुखदेव सिंह अहिलेश्वर की कृति “बगरय छन्द अँजोर” की विशिष्टता यह है कि इसमें दोहा,चौपाई,सोरठा,उल्लाला,सवैया जैसे पचास से अधिक प्रकार के छन्दों में रचनाएँ लिखी गई है। इस कृति का प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ने किया है। किताब की भूमिका छन्द के छ के संस्थापक छन्दविद् गुरुदेव अरुण कुमार निगम और वरिष्ठ साहित्यकार छन्दविद् चोवाराम वर्मा बादल ने लिखी है। अरुण कुमार निगम, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर के साहित्यिक गुरु हैं। शुद्ध छन्द विधान के कारण कृति में संग्रहित रचनाएँ पूर्णतः गेय है जो पाठक को आकर्षित करता है। पाठक रचना को पढ़कर गुनगुनाये बिना नहीं रह पाता है। निश्चय ही यह छत्तीसगढ़ी छन्द संग्रह छत्तीसगढ़ी साहित्य को समृद्ध करेगा, गौरवान्वित करेगा। छन्द विधा में रूचि रखने वाले कलमकारों के लिए यह संग्रह बहुत ही उपयोगी साबित होगा। इस उपलब्धि के लिए सुखदेव सिंह अहिलेश्वर को जानने पहचानने वाले प्रदेश की साहित्यिक संस्थाएँ, सामाजिक संगठन, अधिकारी कर्मचारी संगठन, वरिष्ठ साहित्यकारगण, साथी कलमकारगण, विद्यालय स्टाफ, ईष्टमित्रों और परिवारजनों के द्वारा लगातार बधाई और शुभकामनाएँ दिये जा रहे हैं। सुखदेव सिंह’अहिलेश्वर’ प्रतिभाशाली, कलम के धनी कलमकार हैं। आपकी साहित्य सेवा से साहित्य जगत के साथ हमारा कबीरधाम जिला सदैव गौरवान्वित होता रहेगा और उनके परिजनो रिश्तेदारों और मित्र कवि साहित्यकारों ने अनंत हार्दिक बधाई देकर भेट प्रदान कर शुभकामनाएं दिये व उनकी उज्वल भविष्य की कामना करते हैं उक्त जानकारी मणिशंकर दिवाकर ने दी।
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