CGNEWS:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का झुरानदी में अचानक दौरा, बरगद के नीचे चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
झुरानदी को मिलेगा हाई स्कूल भवन, सीसी सड़क और दो बड़े पुल; 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम झुरानदी का बगैर किसी पूर्व सूचना के औचक दौरा कर ग्रामीणों को चौंका दिया। गर्म दोपहर में जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गांव में उतरा, तो लोग आश्चर्यचकित रह गए। मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित बरगद के पेड़ की छांव में चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए झुरानदी गांव में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण, 20 लाख की लागत से सीसी सड़क, और दो उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की घोषणा की। इनमें गंडई से कृतबाधा मार्ग पर 2.54 करोड़ और कर्रानाला मार्ग पर 2.52 करोड़ के पुल शामिल हैं। साथ ही ग्राम पंचायत भोरमपुर में नए पंचायत भवन की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने चौपाल में छत्तीसगढ़ी भाषा में संवाद करते हुए ग्रामीणों से योजनाओं की स्थिति और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गांव, गरीब और किसान की सरकार है। शासन की हर योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना हमारा उद्देश्य है।”
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सहज और सादगीपूर्ण व्यवहार की खुलकर सराहना की। बुजुर्गों ने बताया कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री सीधे उनके गांव पहुंचा है। मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पूर्व विधायक कोमल जंघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
झुरानदी: योजनाओं का लाभ ले रहा है गांव
झुरानदी गांव की जनसंख्या 1935 है। यहां लोधी और वर्मा समाज की बहुलता है। गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था है। पीएम आवास योजना के तहत 217 में से 180 मकान पूर्ण हो चुके हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 616 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जल जीवन मिशन, मनरेगा और 17 स्वसहायता समूहों की सक्रियता से गांव की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान पवनपुत्र हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के तहत वे खुद हर गांव तक जाकर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं।