गरियाबंद में मुस्लिम समाज ने आतंकवाद के खिलाफ निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा तिरंगा चौक
पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुट हुआ गरियाबंद, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, आतंकवाद का पुतला जलाया

गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के विरोध में आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मुस्लिम समाज ने एकजुटता दिखाते हुए आतंकवाद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में काली पट्टी बांधकर सड़कों पर उतरे और आतंकवाद के खिलाफ विशाल रैली निकाली।
यह रैली स्थानीय मस्जिद से शुरू होकर तिरंगा चौक तक पहुंची, जहां आतंकवाद का पुतला दहन किया गया। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने “पाकिस्तान मुर्दाबाद”, “आतंकवाद मुर्दाबाद”, “भारत माता की जय” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए।
देश की एकता और शांति का संदेश
इस रैली का आयोजन पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के विरोध में किया गया, जिसमें 28 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। घटना से आक्रोशित गरियाबंद के मुस्लिम समाज ने आतंकवाद की निंदा करते हुए देश की एकता और अमन का पैग़ाम देने की पहल की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा झंडा और आतंकवाद विरोधी बैनर थे, जो उनके देशभक्ति और गुस्से का प्रतीक थे।
“आतंक का कोई मज़हब नहीं होता” — गफ्फू मेमन
रैली में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन ने कहा,
“हम भारत के नागरिक हैं और आतंकवाद के खिलाफ हमारे इस प्रदर्शन से यह साफ है कि हमारी निष्ठा देश के प्रति है। मासूमों की जान लेने वालों को तड़पा-तड़पा कर सजा मिलनी चाहिए। आतंक का कोई धर्म नहीं होता, और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद न केवल भारत, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए खतरा है।”
“कश्मीर हम सबका है” — सदर क़यूम ख़ान
सदर क़यूम ख़ान ने कहा,
“पहलगाम की वादियों में मासूमों का खून बहाने वाले इंसान नहीं, हैवान हैं। हमारा मज़हब जिंदगी देना सिखाता है, छीनना नहीं। हम सब मिलकर आतंक की इस आग को बुझाएँगे—कश्मीर फिर से मुस्कुराएगा।”
“इस्लाम अमन का पैग़ाम है” — समाजसेवी इमरान
समाजसेवी इमरान ने कहा,
“इस्लाम भाईचारे और अमन का पैग़ाम देता है। आतंकियों का न कोई मज़हब होता है, न ज़मीर। हम इस जघन्य कृत्य की घोर निंदा करते हैं और हर हिंदुस्तानी के साथ खड़े हैं। हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
प्रशासन रहा सतर्क, शांतिपूर्ण रहा आयोजन
रैली के दौरान गरियाबंद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था, जिससे रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रही। स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासन समाज के हर वर्ग के साथ है, जो आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
देश के लिए एक मिसाल
गरियाबंद की यह रैली न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ खड़े हैं। समाज की यह एकजुटता यह दिखाती है कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता है।