रवि उत्पादन में खाद की कमी कृषकों के लिए बनी चिंता का विषय, बाजार में 300-400 रूपये महंगी मिल रही खाद
गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। अंचल में खाद की किल्लत के चलते रवी फसल के लिए किसान अभी से परेशान है। ट्युबवेल के साथ-साथ नहरों द्वारा पानी दियें जाने के कारण इस अंचल में काफी बड़े भूखण्ड में रबी फसल ली जा रही है। किसानों ने बताया कि ग्रामीणों में नवंबर माह में ही खाद की आवश्यक मात्रा दर्ज करवा दी गई थी। परन्तु अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन दिनों का अभाव गंभीर समस्या हो गया है। यही कारण है कि फिंगेश्वर ब्लॉॅक मुख्यालय सहित अंचल के किसानों को इस बार रबी फसल के लिए खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में इन दिनों खाद की भारी कमी के चलतें किसान निजी विक्रेताओं से महंगे दामों पर खाद खरीदनें को मजबूर है। यूरिया और डीएपी खाद के लिए 200-300 रुपये प्रति बोरी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। इसके साथ ही, विक्रेता किसानों को 500-600 रुपये का अतिरिक्त सामान (लदान) लेने पर मजबूर कर रहे हैं। यदि किसान अतिरिक्त लदान नहीं लेते तो उन्हें खाद देने से भी इनकार कर दिया जाता है। इस वजह से किसान आर्थिक रूप से शोषित और मानसिक रूप से परेशान हो रहे है। किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो 14 फरवरी से राजिम-फिंगेश्वर मुख्य मार्ग ( पुरेना चौंक) पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में 10 फरवरी को अनुविभागीय अधिकारी राजिम, तहसीलदार फिंगेश्वर को जानकारी दी जा चुकी है। खाद की किल्लत से त्रस्त किसानों ने शासन-प्रशासन से 12 फरवरी 2025 तक खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फिंगेश्वर ब्लॉक के संयोजक रेखराम साहू ने बताया कि यदि निर्धारित समय तक खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो किसान मजबूरन आंदोलन करेंगे।
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