सारंगढ़/बिलाईगढ़(गंगा प्रकाश)। कलेक्टर डाॅ फरिहा आलम सिद्दीकी के निर्देशन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की द्वि-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम दिवस में अपर कलेक्टर रायगढ़ राजीव पाण्डेय ने नजूल भूमि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी एवं राजस्व विभाग के पदाधिकारियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने शासकीय भूमि के प्रबंधन, नीलामी, आबंटन, पट्टा वितरण, भूमिस्वामी एवं व्यवस्थापन, भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम, 1984 के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया। वरिष्ठ सेवानिवृत विशेष सचिव श्री पी. निहलानी ने भू-राजस्व संहिता के बारे में जानकारी दी। श्री निहलानी ने विलयीकृत रियासत के समय से भू-राजस्व संहिता का इतिहास बताते हुए धारा 165 के विभिन्न उपधाराओं की व्याख्या करते हुए भूमि व्यपवर्तन, अंतरण एवं आदिवासी भूमि हस्तांतरण के संबंध में जानकारी दी एवं अपने व्यापक कार्यानुभावों को साझा किया, जो निश्चित रूप से राजस्व मामलों के निराकरण हेतु मददगार साबित होंगे। श्री निहलानी ने सुझाव दिया कि राजस्व संहिता की किताब के एक-एक शब्द को ध्यानपूर्वक पढ़ा जाना चाहिए, तब कहीं जाकर समझ और स्पष्टता आती है। इसके पश्चात् भू-अर्जन के प्रावधानों की जानकारी दी। इसके अंतर्गत औद्योगीकरण, अनिवार्य अवसंचरचनात्मक सुविधाओं के विकास और नगरीकरण के लिए भूमि का अर्जन, खोज की अवधि एवं अधिसूचनाओं के संबंध में अद्यतन जानकारी दी एवं सवालों का समाधान किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, संयुक्त कलेक्टर भागवत जायसवाल, एसडीएम मोनिका वर्मा और डाॅ स्निग्धा तिवारी, साथ ही राजस्व विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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