फिंगेश्वर/राजिम (गंगा प्रकाश)। विकासखंड की राजीम आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल में फर्जीवाड़ा कर गत सत्र में 5 छात्रों का एडमिशन किया गया की खबर के बाद अब फिंगेश्वर आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल में भी फर्जी मार्कशीट एवं फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र सहारे गत सत्र में छात्रों के एडमिशन के समाचार कि यहां जमकर चर्चा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ड्रीम योजना आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़े से हड़कंप मचा है। राजीम में प्राप्त ऐसे फर्जी के 5 मामले खुलासे के बाद अब तक किसी प्रकार की बड़ी कार्यवाही न होने से पालकों में जमा रोष है। वहीं अब आगे भी इस प्रकार के फर्जीवाड़ा करने वालों के हौसले बढ़े तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। फिंगेश्वर मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार गत सत्र में कक्षा सातवीं एवं कक्षा नवमी में प्रवेश के लिए 2 छात्र भावेश सिन्हा एवं शेखर सिन्हा के पालक पवन सिन्हा ने इस वर्ष आवेदन देते हुए अपने दोनों बच्चों को आत्मानंद से निकाल लिया कि वह उन्हें महासमुंद में पढ़ाना चाहता है। आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल फिंगेश्वर के प्राचार्य मुकेश कुमार निर्मलकर ने बताया कि पालक पवन सिन्हा के आवेदन पर हमने भावेश सिन्हा एवं शेखर सिन्हा आठवी एवं दसवीं के लिए स्थानांतरण प्रमाण पत्र दे दिया है। उनका पिछले वर्ष दिया गया गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल आरंग फर्जी है ऐसी चर्चा सुनने के बाद हमने अपने उच्चाधिकारियों से निवेदन किया है कि संबंधित संस्था से जानकारी ली जाए। श्री निर्मलकर ने कहा कि उनके पास इस आरोप के कोई पुख्ता प्रमाण पत्र नहीं है। इस बारे में पालक पवन सिन्हा को मोबाइल किया गया तो उसका मोबाइल बंद आ रहा था। अंचल के पालकों ने मांग की है कि चयन सूची घोषित होने के बाद गत वर्ष एवं इस वर्ष चयनित सभी छात्रों के दस्तावेज की सख्ती से जांच की जावे। राजीम की तरह और भी फर्जी मामले के पकड़े जाने की प्रबल संभावना है। क्योंकि ऐसे फर्जी मामलों से योग्य छात्रों को काफी नुकसान हो जाता है। राजीम मामले के पर्दाफाश के बाद स्थानांतरण प्रमाण पत्र निकलवा कर अपने छात्र को पालक द्वारा पुनः निजी स्कूल में पढ़ाना संदेह पैदा करता है। इस मामले की सख्ती से तत्काल जांच की मांग पालकों ने की है। ताकि फर्जीवाड़ा करने वालों के हौसले प्रस्त हो। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजिम आत्मानंद स्कूल में जो 5 फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त हुए। वह भी उसी स्कूल में बने हैं जहां से फिंगेश्वर के छात्र भावेश एवं शेखर के प्रमाण पत्र बने हैं। इन सभी प्रमाण पत्र को किसी एक व्यक्ति द्वारा छात्रों के पालकों को उपलब्ध करवाया गया है ऐसी जानकारी हुई है। सभी छात्रों में ज्यादातर छात्र फिंगेश्वर विकासखंड जामगांव क्षेत्र के हैं।
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