शुभम सोनी का दावा- ”मैं ही महादेव बेटिंग ऐप का मालिक, भूपेश बघेल के कहने पर गया था दुबई”

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के तार छत्तीसगढ़ से दुबई तक, यह हैं पर्दे के पीछे छुपे चेहरे

छापों के बावजूद ऑनलाइन बेटिंग ऐप का काला कारोबार जारी

प्रकाश कुमार यादव 

नई दिल्ली (गंगा प्रकाश)। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में अभी तक सिर्फ दोनों प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम सामने आए थे, लेकिन परदे के पीछे इस काले कारोबार के सूत्रधार और भी हैं। इनमें दुबई और भारत में रहकर महादेव ऐप का नेटवर्क चलाने से लेकर हवाला कारोबार से जुड़े लोग और सरकारी सुरक्षा के नाम पर घूसखोरी करने वाले पुलिस कर्मी भी हैं।मिडिया की इस खास पड़ताल में इन सबके रोल और ठिकानों की जानकारी मिली है।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप स्कैम में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने एक बार फिर करोड़ों रुपये बरामद किए हैं। हालांकि 6000 करोड़ से भी ज्यादा के महादेव ऑनलाइन बेटिंग स्कैम के मास्टरमाइंड और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल अब तक ईडी की पहुंच से बाहर हैं।इसी बीच चौकाने बाला मामला सामने आया हैं जहां महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप  के मामले में आरोपी शुभम सोनी ने दुबई से एक बयान वीडियो बनाकर जारी किया है। उसने कहा है कि वही महादेव ऐप का असली मालिक है और वह भूपेश बघेल के कहने पर दुबई गया,उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में 5.39 करोड़ रुपये जब्त किए थे,ईडी के मुताबिक यह राशि दुबई से शुभम सोनी ने भूपेश बघेल के लिए भेजी थी।ईडी के अनुसार शुभम सोनी के कहने पर असीम दास यह कैश देने के लिए जा रहा था।ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में शुभम सोनी वांटेड है।

साल 2021 में महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया था

महादेव ऐप के प्रमोटर के करीबी शुभम सोनी ने रविवार को एक वीडियो मैसेज में दावा किया है कि ‘मैं ही महादेव बेटिंग ऐप का मालिक हूं।उसने अपना पेन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट दिखाकर दावा किया कि साल 2021 में महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया था।सोनी ने कहा कि, ”भिलाई में मैंने छोटी-सी बुक शुरू की थी,उस बुक से पैसा आने लगा, लाइफ स्टाइल बदल गई।मामला आगे पता चलने लगा, लड़के पकड़े जाने लगे।फिर मैं वर्मा जी के सम्पर्क में आया और मैंने उन्हें 10 लाख रुपये महीना बतौर प्रोटेक्शन मनी देना शुरू कर दिया।

सीएम साहब ने बोला कि अपना काम बढ़ाओ और दुबई जाओ’

उसने कहा कि, ”मेरे लड़के पकड़े गए तो मैंने वर्मा जी को बोला. वर्मा जी ने फिर मेरी मीटिंग सीएम साहब से करवाई. वहां बिट्टू जी और सीएम साहब ने बोला कि अपना काम बढ़ाओ और दुबई जाओ।वहां मेरा काम अच्छा चल रहा था, लेकिन फिर प्रॉब्लम हुई, मेरे लड़के पकड़े गए। मैं रायपुर आया और मैं फिर वर्मा जी और गिरीश तिवारी के जरिए उस वक्त एसपी प्रशांत अग्रवाल से मिला।शुभम ने कहा कि, ”प्रशांत अग्रवाल ने मेरी बात अपने फोन से स्पीकर पर सीएम बघेल से करवाई। उन्होंने बोला तुझे वहां काम संभालने भेजा था तो मालिक बन गया।मैंने रिक्वेस्ट की तो बोले प्रशांत से बात करो समझा देगा तुम्हें क्या करना है।फिर प्रशांत जी ने जो बोला, जिस-जिस को देने को बोला, मैंने दिया. बिट्टू भैया के जरिए 508 करोड़ रुपये भी दे चुका हूं, फिर भी मुझे दिक्कत कर रहे हैं।

”मैं इंडिया आना चाहता हूं, मेरी मदद करें”

शुभम सोनी ने कहा कि, ”मैंने अपने लिखित बयान में साफ बताया है कि कितना पैसा किस-किस को कब और किस तरह दिया गया,मेरी सरकार से गुजारिश है कि मैं इस पॉलिटिकल सिस्टम में फंस चुका हूं।मैं इंडिया आना चाहता हूं, मेरी मदद करें।

भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाला बन गया सट्टा किंग

वैसे सट्टा किंग बनने से पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ चंद्राकर और उसके पार्टनर रवि उप्पल का यह खेल अकेले आगे नहीं बढ़ा, कई और लोग हैं, जिन्होंने उन्हें परदे के पीछे से मदद दी, इनमें सबसे बड़ा नाम है विकास छापरिया का।

कोलकाता का छोटा शेयर ब्रोकर अब वानुआतु द्वीप का नागरिक

विकास छापरिया कभी कोलकाता का एक छोटा शेयर ब्रोकर था, लेकिन अब वह दक्षिण प्रशांत महासागर के वानुआतु द्वीप समूह नाम के देश की नागरिकता ले चुका है। पता चला है कि विकास सौरभ और उप्पल की काली कमाई को शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने का काम करता है।साथ ही UAE में सौरभ चंद्राकर की आलीशान वेडिंग पार्टी के लिए हवाला के जरिए कैश भुगतान की जिम्मेदारी भी उसी की थी। ईडी ने हाल ही में विकास की 236 करोड़ की शेयर होल्डिंग फ्रीज की है।

पुलिस और सरकार से सुरक्षा दिलाने का जिम्मा निभा रहा था एएसआई

ईडी के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर चंद्रभूषण वर्मा पर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप को पुलिस और सरकार से सुरक्षा दिलाने की जिम्मेदारी थी। एएसआई वर्मा पुलिस, सरकारी अधिकारियों और सौरभ चंद्राकर के बीच अहम कड़ी था। वर्मा पर संम्बंधित अफसरों और नेताओं तक रिश्वत पहुंचाने का भी जिम्मा था, ईडी का दावा है कि एएसआई वर्मा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा का करीबी है।

हवाला कारोबारी दो सगे भाई गिरफ्तार

इस मामले से जुड़े छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी अनिल दमानी और सुनील दमानी सगे भाई हैं और दोनों हवाला कारोबारी हैं।यह महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से की गई काली कमाई को दुबई से भारत में हवाला चैनल के जरिए रूट करने का काम करते हैं।दोनों को ईडी पीएमएलए के तहत गिरफ्तार कर चुकी है।रायपुर में रहने वाले सतीश चंद्राकर पर ऐप का डेली ऑपरेशन देखने का जिम्मा था।सतीश ने अपने खुद के पांच पैनल भी ले रखे थे। इसके साथ ही उसके पास छत्तीसगढ़ के एएसआई चंद्रभूषण वर्मा के निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों तक घूस की रकम पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

भोपाल के विशाल और धीरज आहूजा करते थे ट्रैवल अरेंजमेंट

मध्यप्रदेश के भोपाल के रहने वाले दो भाईयों विशाल और धीरज आहूजा का प्रमुख काम महादेव ऐप के प्रमोटरों के परिवार और कारोबार से जुड़े लोगों के ट्रेवलिंग टिकट ऑपरेशन देखना था।सौरभ चंद्राकर के फेयर प्ले और रेड्डी अन्ना जैसी बेटिंग वेबसाइट को प्रमोट करने वाले सेलिब्रिटीज, यूएई में आयोजित पार्टी में शामिल होने वालों का ट्रैवल अरेंजमेंट करना भी उनके जिम्मे था। दोनों फेयरप्ले और रेड्डी अन्ना के 9 पैनल भी चलाते हैं इसके लिए जरूरी कई फर्जी बैंक अकाउंट खोल रखे हैं। इन दोनों के दुबई में छिपे होने का शक है।

मध्यप्रदेश में भोपाल का ही रहने वाला पवन नाथानी आहूजा भाईयों का खास एसोसिएट है और ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के लिए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाने का काम करता था।

दुबई में भिलाई के लड़के कर रहे ऐप का संचालन

ईडी के मुताबिक महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के साथ ही दोनों मुख्य आरोपी बेटिंग के 60 के करीब ऐप लॉन्च कर चुके हैं. उनका पूरा कारोबार दुबई से संचालित होता है। दुबई में बड़ी संख्या में भिलाई के लड़कों को ले जाकर उन्हें ऐप संचालन का जिम्मा दिया गया है।

400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और नकदी बरामद

ईडी अब तक मुंबई, कोलकाता और भोपाल में करीब 78 जगहों पर छापे मारकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़ी 400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और नकदी बरामद कर चुकी है। एएसआई चंद्रभूषण वर्मा और हवाला ऑपरेटर सहित पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।इसके बावजूद महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का काला कारोबार अब भी धड़ल्ले से चल रहा है।

हैरानी इस बात की भी है कि महादेव ऑनलाइन ऐप को प्रमोट करने वाले बॉलीवुड सितारों और सेलिब्रिटीज को नोटिस देकर उन्हें बयान देने के लिए बुलाया गया था लेकिन उसके आगे क्या हुआ इस पर ईडी ने चुप्पी साध रखी है।


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