गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। विकासखंड में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों में पोषण स्तर के आकलन हेतु समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए 1 अगस्त से 13 अगस्त 2023 की अवधि तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन त्यौहार आयोजित किया जाएगा। एसडीएम धनंजय नेताम ने ग्रामीणों को वजन त्यौहार पर अपने बच्चों का वजन कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण के लिए जागरुकता जरूरी है इस अभियान में शामिल होकर सामुदायिक सहभागिता के साथ सभी वजन त्योहारों को सफल बनाएं। बच्चों के कुपोषण के लिए उनके पोस्टिक आहार के प्रति अभिभावक जागरूक रहें। आज श्री नेताम ने कहा कि वजन त्यौहार के दौरान 6 वर्ष के बच्चों का वजन निर्धारित तिथि तक कलक्टर वार तिथि का निर्धारण करते हुए कलक्टर के किन-किन आंगनबाड़ी केंद्रों में लिया जाएगा ताकि प्रत्येक कलक्टर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपरवाइजरों की उपस्थिति में बच्चों का शत-प्रतिशत एवं सही वजन लिया जाना सुनिश्चित हो सके। आयोजित होने वाले वजन त्यौहार में आयु वजन के साथ-साथ बच्चों की ऊंचाई की जानकारी संकलित की जाएगी। एसडीएम धनंजय नेताम ने बताया कि वजन त्यौहार के प्राप्त जानकारी के आधार पर कुपोषण की दर में कमी लाने जाने हेतु लक्ष्यों का निर्धारण कर जिला स्तर पर कार्य योजना बनाई जाएगी। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग का कोशलेश देवांगन ने बताया कि वजन त्यौहार का आयोजन कलक्टर पर किया जाएगा। प्रत्येक कलक्टर में वजन त्यौहार के लिए विभागीय अधिकारी कर्मचारी पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई जा रही है। आयोजित होने वाले वजन त्यौहार में आयु व वजन के साथ-साथ बच्चों की ऊंचाई तथा बच्चे की निशक्तता संबंधी जानकारी भी संकलित की जाएगी। वजन त्योहार के अवसर पर प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र हेतु ग्राम स्तरीय, वार्ड स्तरीय, दल का गठन किया गया है एवं समुदाय के समस्त आंगनबाड़ी ग्राम नगरीय क्षेत्र के सभी सर्वेशित बच्चे का वजन लेकर पोषण स्तर का मापन किया जाएगा। इस हेतु ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से वजन की जानकारी भरकर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही पोषण स्तर ज्ञात किया जाएगा। श्री देवांगन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों के अलावा वजन त्यौहार आयोजन के समय बाहर से आए बच्चे भी वजन लेने से वंचित ना रहे यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। वजन त्यौहार में समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जन जन के प्रति जागरूक करने एवं प्रत्येक परिवार को उनके बच्चों के सही पोषण स्थिति से अवगत कराते हुए प्रत्येक गांव में कम वजन वाले बच्चों को चिन्हित कर कुपोषण की स्थिति का पता लगाने की दिशा में वजन त्यौहार महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण की स्थिति को जानकर प्रत्येक बच्चे की जानकारी सॉफ्टवेयर में दर्ज कर कुपोषित बच्चों की स्थिति का डाटाबेस तैयार किया जाएगा। कुपोषण विषय पर जागरूकता में वृद्धि लाने के लिए विशेष कार्य किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र ग्राम पंचायत विकासखंड में कुपोषण की वर्तमान स्थिति की जानकारी तैयार करते हुए कुपोषण कम करने की कार्य योजना तैयार की जाएगी। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कौशलेस देवांगन ने कहा कि स्थान विषेश व वर्गों में कुपोषण की पहचान करना जिससे यह भी स्पष्ट हो सके कि किन स्थानों पर और किन कारणों से कुपोषण अधिक है ताकि उनके लिए विशेष योजना बना सकेंगे। कुपोषण की रोकथाम के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बेसलाइन सर्वे एवं लक्षित बच्चों का चिन्ह अंकित किया जाएगा। किशोरी बालिकाओं के एनीमिया के स्तर में सुधार लाने तथा एनीमिया के स्तर का आकलन किया जाएगा।
There is no ads to display, Please add some


