गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। रक्षाबंधन त्योहार में परंपरा अनुसर अब तक जेल में बन्द कैदि भाइयों को रक्षाबंधन के दिन बहन से मिलने और उनके हाथ से राखी बंधाने की छूट दी जाती रही है।लेकिन वर्तमान में ब्याप्त कोरोना संक्रमन को ध्यान में रखते हुए जेल में बन्द कैदियों को बहन के हाथ से राखी न बंधवाते हुए जेल परिसर के बाहर ही बहनों के हाथ से राखी और मिठाई को जेल विभाग के कर्मचारी अपने पास लेते हुए राखी को सेनेटराइज करके राखी को बंदी तक पहुँचाया जा रहा है और मोबाइल के माध्यम से भाई को बहन को वीडियो कॉलिंग कर बात कराते हुए भाई बहन के प्यार को बरकरार रखा गया ।
जेलर हितेंद्र सिंह ठाकुर ने बतलाया जेल
प्रशासन के आदेशानुसार बहनो की राखी और मिठाई को भाइयों तक पहुँचाया जा रहा है कोविड के कड़े नियमो के चलते यह कदम उठाया गया है वही आज 68 बहनों ने अपने भाइयों को राखी भेजी



वही देखा गया कि जेल में राखी बांधने आई बहन भी प्रशासन के द्वारा बनाए नियमो का पालन कर जेल विभाग के कर्मचारी को अपने भाई के नाम का राखी दिए वही कुछ बहनों के द्वारा अपने भाई के लिए राखी और मिठाई के साथ मास्क भी दिए जो इस संक्रमन काल मे उसके भाई का रक्षा करे।गुरुवार को रक्षाबंधन के अवसर पर गरियाबंद जेल में बन्द कैदी और विचाराधिन कैदियों को राखी बांधने गरियाबंद जिला के देवभोग,राजिम,फिंगेश्वर से बहने तो आए ही थी इसके साथ ही गरियाबंद जिले के नजदीक के जिलों के पकड़े गए आरोपियों की बहने भी गुरुवार सुबह से ही गरियाबंद जेल पहुचकर जेल के सामने बैठी रही, जेल ,पुलिस और अन्य स्टाप की मौजूदगी में बहनो ने अपना नाम बता कर भाइयों से विडीओ कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए उनसे बात की, कई बहने भावुक हो कर रो पड़ी
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