गोविंद

भोपालपटनम(गंगा प्रकाश):– क्षेत्र में  बेशकीमती वृक्षों की अवैध कटाई धड़ल्ले से जारी है. वन माफियाओं पर न कोई भय है, ना कोई रोक- टोक. वन माफियाओं के साथ ही आरक्षित वन परिक्षेत्र में भूमाफिया भी सक्रिय हैं. जिन्होंने सैकड़ों एकड़ जमीन आरक्षित वन परिक्षेत्र में कब्जा कर खेती कर रहे हैं. राजस्व विभाग भी इन रसूखदारों को अवैध पट्टा दे रहा है. वन विभाग के आला अधिकारी और कर्मचारी आंख पर पट्टी बाँध कर मूकदर्शक बने हैं.

            जिले के अंतिम छोर में बसे भोपालपटनम तहसील में बफर जोन में वन माफियाओं और भू माफियाओं का बोल बाला है. वन माफियाओं ने सागौन की बेशकीमती वृक्षों को धड़ल्ले से काट कर अंतर्राज्यीय में बेच रहे हैं. इन माफियाओं का कार्य बिना रोक- टोक जारी है. क्योंकि आला अधिकारी मुख्यालय छोड़ जिला मुख्यालय में आशियाना में आराम फरमा रहे हैं, और कर्मचारी भी अधिकारी के ना रहने से कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं. बियाबान जंगल में इंसान का दिखना नामुमकिन था किन्तु अब जंगल में इंसान को दूर से देखा जा सकता है. सूत्रों से पता चला है कि वन माफियाओं और लकड़ी तस्करों के वन कर्मचारियों के साथ सांठगांठ है व इस अनैतिक कार्य में कुछ अन्य विभाग के अधिकारी भी अंतर्राज्यीय सीमा स्थित नाका पार करने का 40से50 हजार रुपये लेकर महाराष्ट्र और तेलंगाना पार कराते है. यह शर्म की बात है ,जो मामले को रफा- दफा करने में चतुर सुजान है.

            वन माफियाओं के अलावा भू माफियाओं का भी बफर जोन में जबरदस्त दखल है भोपालपटनम से लेकर 18 कि. मी. मट्टीमारका तक इन  रसूखदारों ने  लगभग हजारों- लाखों छोटे- बड़े बेशकीमती वृक्षों को काटकर हजारों एकड़ जमीन पर कब्ज़ा कर पट्टा बना लिया है. सूत्रों से पता चला है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से सांठगांठ कर अनैतिक रूप से फर्जी पट्टा प्राप्त कर लाखों का ऋण पा लिया है. जबकि बफर जोन में किसी को जमीन और पट्टा देना गैरकानूनी है. लेकिन बफर जोन के अधिकारी और कर्मचारियों की उदासीनता के कारण इन वन माफियाओं और भू माफियाओं के हौसले बुलंद है. ताजा मामला छ. ग. शासन विभाग योजना का नाम- राज्य टेम्पा योजना के अन्तर्गत, ए पी ओ वर्ष-2021-2022 , कार्य का नाम – लेंटाना  उन्मूलन कार्य भोपालपटनम, कक्ष क्रमांक- आर एफ- 807,कक्ष का कुल रकबा- 302 . 200, कार्य योग्य रकबा- 100 . 00 हेक्ट., वन परिक्षेत्र – मद्देड़ बफर. जहाँ कार्य किया है, वहाँ कार्य के नाम पर लीपापोती किया गया. कार्य के आसपास भूमाफियाओं ने जमीन पर खड़े वृक्षों को काटकर खेती कर रहे हैं। लेकिन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने इसे नजर अंदाज कर नौकरी के नाम समय काट रहे हैं। उसी के आसपास एक वन विभाग के कर्मचारी ने भी कब्जा कर खेती कर रहा है।

          अगर इसी तरह वन माफियाओं और भू माफियाओं को बफर जोन के अधिकारी और कर्मचारी आंख पर पट्टी  बाँध कर मूकदर्शक बने रहे तो बचा रहा जंगल भी तहस नहस हो जाएगा। 


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