गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता रूपसिंग साहू ने जिले एवं प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री साहू ने कहा कि इस साल 17 सितंबर 2024 दिन मंगलवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाया जा रही है शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर सूर्य संक्रांति के दिन ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र विश्वकर्मा जी का जन्म हुआ था विश्वकर्मा जयंती के दिन भगवान विश्वकर्मा एवं विष्णु जी की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है मान्यता है कि ऐसा करने में कार्य व्यापार समाज में समृद्धि होती है विश्वकर्मा पूजा के मौके पर आप सभी सामाजिक पारिवारिक बंधु को एकता के साथ यह पर्व मनाया जाना चाहिए भगवान विश्वकर्मा को सबसे पहले इंजीनियर माना जाता है इस दिन फैक्ट्री संस्थाओं दुकानों में औजार और मशीन कार्य इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की पूजा पाठ की जाती है कल्याण के मार्ग पर चलने के लिए हमेशा प्रेरित करता है इन्हीं महान पर्व में से एक पर्व है विश्वकर्मा जयंती है जिसे हिंदू धर्म के अनुयायियों द्वारा भाद्र पक्ष शुक्ल की प्रतिपाद्य को भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन अवसर पर पूरे विधि विधान के साथ मनाया जाता है विश्वकर्मा जयंती को यूं तो पूरे भारत में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है लेकिन इसका प्रभाव उत्तर भारत में विशेष महत्व के रूप में मनाया जाता है ब्रह्मा जी ने सृष्टि का संचार किया था वही तो विश्वकर्मा जी के संसार को खूबसूरत बनाया था इसलिए उन्हें संसार का पहला वास्तुकार और शिल्पकार कहा जाता है।
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