गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। आरक्षण में वर्गीकरण के मामलें में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में बुधवार को एसटी, एससी मोर्चा का भारत बंद का फिंगेश्वर में व्यापारियों के समर्थन के चलते प्रातः 10 बजे तक दुकानें बंद रही। इस संबंध में हड़ताल करने वाले मोर्चा सदस्यों द्वारा नगर के हृदय स्थल पुराने बस स्टैण्ड में एक जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें दूजलाल बंजारे, श्रीमती मधुबाला रात्रे, जागेश्वर कुमार धु्रव, दुष्यंत धुर्वा, रामाधार धु्रव, नारायण धु्रव, कोमन नेताम, पुरनलाल धु्रव, केदार धु्रव, राजेन्द्र कुमार नगारची आदि द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले को बदलते हुए कोटा के अंदर कोटा से जुड़े मामलें में अपना नया फैसला सुनाया है। इसके तहत कोर्ट ने राज्यों को आरक्षण के लिए कोटा के भीतर कोटा बनाने का अधिकार दे दिया है। याने राज्य सरकारें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के लिए सब कैटेगिरी बना सकती है। ताकि सबसे जरूरतमंद को आरक्षण में प्राथमिकता मिल सकें। वक्ताओं ने कहा कि इस फैसले के बाद लगातार एसटी, एससी मोर्चा इसके विरोध में उतर आया है। अनुजाति एवं जनजाति के पदाधिकारियों द्वारा सुबह 8 बजे से व्यापारिक प्रतिष्ठान को बंद कराने के लिए व्यापारी बंधुओं से आग्रह किया गया जिसके पालन में स्वस्फूर्त सहयोग मिला तथा अपनी दुकान 2 घंटे के लिए बंद किया गया। साथ ही पदाधिकारियों द्वारा सभा को संबोधित कर लम्बी रैली सैकड़ों की संख्या में निकालकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम पर स्थानीय तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। उक्त कार्यक्रम में डोंगर सिंग मरकाम, द्वारिका ठाकुर पार्षद, श्रीमती रूखमणी मांडले उपाध्यक्ष नगर पंचायत फिंगेश्वर, नरेन्द्र धु्रव, राजऋषि टंडन, संतोष मांडले, खिलावन सोनवानी, निलाम्बर मांडले, कृष्णा बंजारे, लक्ष्मण मांडले, मनोज सोनवानी, मनहरण कश्यप, हरनारायण सूर्यवंशी, अंजोर धु्रव, सेउक छेदईया, गणेश मरकाम, रूपसिंग धु्रव, उमा टाण्डेकर, डोमार धु्रव, प्रेमसिंग नगारची, हेमंत कुमार नगारची, नेमीचंद बंजारे सहित सैकड़ों की संख्या में सामाजिक पदाधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन मेघराज धु्रव ने किया।
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