गरियाबंद/फिंगेश्वर(गंगा प्रकाश)। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर पंचायतो के लिए आदेश जारी किया है कि नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत किए जाने वाले सौर ऊर्जा से संबंधित किसी भी प्रकार का काम सीधे न करवाकर क्रेडा के माध्यम से करवाएं। खास बात ये है कि यह आदेश जारी करने के लिए सरकार के 10 साल पुराने एक आदेश का हवाला दिया गया है। नगरीय निकायों में सौर ऊर्जा से संबंधित कार्य बड़ी संख्या में करवाए जा रहे है, लेकिन नगरीय निकाय ये काम खुद ही कसी बाहरी एजेंसी या संस्था के माध्यम से करवा रहे है। ऐसा करने से सरकारी एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय विकाय अभिकरण (क्रेडा) को काम नहीं मिल पा रहा है। अब नगरीय निकायों से कहा गया है कि वे सौर ऊर्जा से संबंधित काम क्रेडा के माध्यम से ही करवाएं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने यह निर्देश देने के साथ ही राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग द्वारा 10 साल पहले जारी किए आदेश को भी निकाला है। तत्कालीन सरकार ने इस संबंध में प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सभी विभागाध्यक्ष, सभी कलेक्टर, सभी जिला पंचायत सीईओ को आदेश दिया था कि सौर ऊर्जा से संबंधित काम क्रेडा के माध्यम से ही करवाएं। इस आदेश में कहा गया था कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा आधारित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए क्रेडा राज्य की नोडल एजेंसी है। क्रेडा द्वारा यह ध्यान में लाया गया है कि राज्य में पारंपरिक ऊर्जा आधारित योजनाओं का क्रियान्वयन तथा गैर परंपरागत स्रोत आधारित उपकरण, उपस्कर का क्रय अन्य विभागों द्वारा सीधे किया जा रहा है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही भारत सरकार से प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता से वंचित होने की आशंका बनी रहती है।
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