गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। लगातार 2 दिन गुरूवार और शुक्रवार को बढ़ी गर्मी ने लोगों को झुलसा दिया है। अचानक बढ़े इतने ज्यादा तापमान से लोग 12 बज से शाम 5 बजे तक बाहर नहीं निकल रहे है। जिससे बाजार में सन्नाटा है। दोपहर में तापमान का पारा 40, 41 और 42 डिग्री तक चढ़ने के कारण गर्मी और उमस से लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। सड़को और गलिं में सन्नाटा पसर जाता है। वहीं गर्मी का विपरीत असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। मौसम खुलने के साथ तेज धूप खिल गई है। अत्याधिक गर्मी और उमस पड़ने से एक बार फिर लोग गर्मी से बेचैन होने लगे है। 18 अप्रैल को दोपहर तापमान का पारा 40 डिग्री चढ़ गया। तेज धूप, भारी गर्मी और उमस के बीच लोग घरों में दुबक गए। शहर व गांवो की गलियों में सन्नाटा पसर गया। कामकाजी लोग सिर में गमछा, हाथ में स्कार्फ पहनकर घरों से बाहर निकले। कई लोग छतरी के सहारे धूप से बचने कोशिश करते हुए चल रहे थे। भारी गर्मी और उमस के चलते घरों में पंखा व कूलर काम नहीं कर रहा। शासकीय दफ्तरों में भी गर्मी से अधिकारी कर्मचारी परेशान है। इधर बैमौसम बारिश के चलते ठंडा पड़ चुके गन्ना रस, कोल्डिं्रक समेत अन्य ठंडा पेय पदार्थो का व्यवसाय भीषण गर्मी के चलते एक बार फिर से चल पड़ा है। इससे व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। अचानक गर्मी बढ़ने के कारण लोगों की सेहत पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। लोग बीमार पड़कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे है। सर्दी-खांसी के अलावा मुंह में छाला, तेज बुखार समेत कई तरह की परेशानियां लोगों के शरीर में आ रहा है, इससे परेशानी बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि अचानक 40 डिग्री तेज धूप पड़ने की वजह से शरीर में इसका विपरीत असर पड़ रहा है। लोग कई तरह की परेशानियां लेकर अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे है। गर्मी से बचने लोग हर संभव प्रयास करें। बेवजह धूप पर न निकलें। घरों से बाहर निकलें तो सिर को गमछा से ढके या फिर टोपी व चश्मा का उपयोग करें। तेज धूप के चलते लू लगने की आशंका बना रहता है। पानी का सेवन अधिक से अधिक करें, ताकि शरीर में पानी की मात्रा बना रहे। मौसम में बदलाव होने का शरीर पर सीधा असर पड़ता है।
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