रबी का धान गांव गांव से कम कीमत में उठा रहे बिचौलिए, मंडी टैक्स की चोरी के साथ किसानों को हो रहा नुकसान
गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। रबी फसल का धान बेचने गांव गांव में किसान बिचौलिए के चुराल में फंस रहे है। धान की सीधी खरीदी को रोक पाने में राजिम कृषि उपज मंडी असफल साबित हो रही है। मिल, मालिक, व्यापारी एवं धान का स्टॉक करने वाले लोग धान की सीधी खरीदी करने में इन दिनों व्यस्त है और इसमें उनका पूरा साथ बिचौलिया दे रहे है। इसके अतिरिक्त अप्रत्यक्ष रूप से मंडी प्रशासन का भी उनको सहयोग मिल रहा है। इससे लाखों रूपए राजस्व की हानि कृषि उपज मंडी प्रशासन को हो रही है, इसके अतिरिक्त किसानों को भी उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा हहै। आसपास की राईस मिलों में धड़ल्ले से किसानों से मिल में काटा लगाकर खरीदी की जा रही है। ग्रामों में खड़ी गाड़ियों से सीधे धान खरीदी की जा रही है। सीधी खरीदी के कारण किसानों को कम मूल्य पर धान बेचने विवश होना पड़ रहा है। बता दे कि गर्मी के धान की इन दोनों बंपर आवक हो रही है। प्रतिदिन हजारों क्विंटल धान की खरीदी बिक्री हो रही है। इसके बावजूद गाड़ियों की लंबी कतार सीधे खरीदी केन्द्रों के बाहर लगी हुई है। इधर किसानों का एक ग्रुप आज इस प्रतिनिधि से संपर्क किया और अपनी व्यथा को बताई। उनकी मांग है कि उनका धान बिचौलियों के माध्यम से न बिके। उनका कहना था मंडी में धान देरी बिकने की वजह से उनके पास बिचौलिए संपर्क करते है और कम दामों पर धान बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस पर रोक लगाई जाने की मांग किसानों ने की है। उनका कहना था की मंडी प्रशासन चाहे तो इस पर रोक लगा सकती है। मंडी प्रशासन को गांव गांव में हो रही सीधी खरीदी पर कड़ कार्यवाही करनी चाहिए।