सात दिनों तक चला खेल महोत्सव, फाइनल में गरियाबंद सुपर किंग को हराकर रचा नया इतिहास
छुरा (गंगा प्रकाश)। उन्मुक्त खेल मैदान बीते एक सप्ताह से सिर्फ खेल का मैदान नहीं, बल्कि जुनून, जज़्बे और ज़ोरदार प्रतिस्पर्धा का केंद्र बना हुआ था। माँ शीतला सात दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का शनिवार को भव्य समापन हुआ। तालियों की गूंज, नारों की आवाज़ और ढोल-नगाड़ों के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसमें ब्लैक पेंथर छुरा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गरियाबंद सुपर किंग को हराकर माँ शीतला कप अपने नाम कर लिया।

12 टीमों की टक्कर, हर दिन नया रोमांच
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें गरियाबंद सुपर किंग, ब्लैक पेंथर, गादीकोट बुल्स, सेवन स्टार, जे.के. खरखरा, रॉयल टाइगर, डिफेंडर इलेवन, छुरा सुपर किंग, फाइन स्टार छुरा, डी डेयरडेविल, छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल और प्रकाश वारियर शामिल रहीं।
हर मुकाबला दर्शकों के लिए रोमांच का पैकेज साबित हुआ। कहीं आखिरी ओवर में मैच पलटा, कहीं शानदार कैच ने स्टेडियम जैसा माहौल बना दिया। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन, खेल भावना और प्रतिस्पर्धात्मक जज़्बे का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
फाइनल का रोमांच: छोटे स्कोर में बड़ा संघर्ष
फाइनल मुकाबले में गरियाबंद सुपर किंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। ब्लैक पेंथर के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। तय 8 ओवरों में गरियाबंद सुपर किंग 8 विकेट खोकर 68 रन ही बना सकी।
लक्ष्य भले ही छोटा था, लेकिन फाइनल का दबाव बड़ा था। जवाब में उतरी ब्लैक पेंथर की टीम ने धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य हासिल किया और जैसे ही विजयी रन बना, पूरा मैदान जश्न में बदल गया।

इनामों की घोषणा, मंच पर विजेताओं का सम्मान
समापन समारोह में विजेता और उपविजेता सहित सभी उत्कृष्ट टीमों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति के अनुसार पुरस्कार इस प्रकार रहे—
- प्रथम पुरस्कार (विजेता): 1,00,000 रु नगद एवं भव्य ट्रॉफी यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल के संचालक हेमचंद देवांगन एवं रंजन सिंह ध्रुव (सब इंस्पेक्टर अंकुश ध्रुव के पिता) के करकमलों से विजेता ब्लैक पेंथर छुरा को प्रदान किया गया।
- द्वितीय पुरस्कार (उपविजेता): 50,000 रु नगद एवं ट्रॉफी यह सम्मान आयोजन समिति एवं प्रतीक यादव की ओर से गरियाबंद सुपर किंग टीम को प्रदान किया गया।
- तृतीय पुरस्कार: 30, 000 रु नगद एवं ट्रॉफी यह पुरस्कार नगर पंचायत छुरा की पार्षद श्रीमती गरिमा ध्रुव एवं किराना व्यापारी संघ के सहयोग से छुरा सुपर किंग टीम को प्रदान किया गया।
- चतुर्थ पुरस्कार: 20, 000रु नगद एवं ट्रॉफी यह सम्मान आयोजन समिति एवं श्री राम मेडिकल के संचालक रुद्र वर्मा द्वारा डिफेंडर इलेवन टीम को प्रदान किया गया।
पुरस्कार वितरण के दौरान मंच तालियों से गूंजता रहा और खिलाड़ियों के चेहरों पर मेहनत की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, संस्कार है
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हेमचंद देवांगन ने अपने संबोधन में कहा— क्रिकेट केवल जीत-हार का खेल नहीं है, यह अनुशासन, धैर्य और टीम भावना की पाठशाला है। हार से सीखकर आगे बढ़ने वाला खिलाड़ी ही सच्चा विजेता बनता है।
दर्शकों की भीड़, फाइनल बना उत्सव
फाइनल मुकाबले में भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। हर चौके-छक्के पर तालियां और हर विकेट पर सन्नाटा देखने लायक था। विशेष प्रस्तुतियों ने माहौल को और रंगीन बना दिया, जिससे समापन समारोह किसी उत्सव से कम नहीं लगा।
सहयोग और मेहनत से सफल हुआ आयोजन
आयोजन समिति के जितेंद्र ध्रुव ने बताया कि इस टूर्नामेंट को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ संकल्प हॉस्पिटल छुरा, किराना व्यापारी संघ, वनोपज व्यापारी संघ, पूनम ज्वेलर्स, बालाजी ज्वेलर्स, बाबा मोबाइल, पीयूष बोरवेल्स, हर्ष स्पोर्ट्स कार्नर, सागर फर्नीचर्स और सुमामल हासानंद गारमेंट का विशेष सहयोग रहा।
वहीं आयोजन को सफल बनाने में जितेंद्र ध्रुव, अफजल खान, भावेश टंडन, मयंक सोनी, ईश्वर नायक, यूनुस खान, राज लहरे, शिव ठाकुर, आशीष टंडन और करण यदु की भूमिका सराहनीय रही।
पुरस्कार वितरण में प्रमुख रूप से शामिल रहे
माँ शीतला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण करते समय जिन गणमान्य अतिथियों की मंच पर विशेष उपस्थिति रही, उनमें प्रमुख रूप से —हेमचंद देवांगन (संचालक, छत्तीसगढ़ संकल्प हॉस्पिटल), रंजन सिंह ध्रुव (सब-इंस्पेक्टर अंकुश ध्रुव के पिता),पार्षद हरीश यादव,पार्षद पंचराम टंडन,जितेंद्र ध्रुव (भूतपूर्व पार्षद),नियाज खान तथा आयोजन समिति के अन्य सदस्य एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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