महासमुंद(गंगा प्रकाश)। जिले में हुई दो बड़ी चोरी और डकैती की वारदातों का खुलासा करते हुए महासमुंद पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 93 लाख 33 हजार 104 रुपये कीमती सोना-चांदी के आभूषण, वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार इन घटनाओं का मास्टरमाइंड कान्हा उर्फ हेमंत अग्रवाल है, जिसने लालच में आकर अपने ही रिश्तेदारों के घरों को निशाना बनाया।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा (आईपीएस) के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रभात कुमार (आईपीएस) के मार्गदर्शन में जिले में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थाना सांकरा क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह में दिसंबर 2025 में हुई बड़ी चोरी का खुलासा हुआ, साथ ही मई 2025 में थाना छुरा क्षेत्र के ग्राम चरौदा में हुई डकैती की घटना से भी पर्दा उठ गया।

ऐसे हुआ खुलासा
दिनांक 06 दिसंबर 2025 को ग्राम बल्दीडीह निवासी योगेश अग्रवाल ने थाना सांकरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 4 दिसंबर को परिवार सहित शादी कार्यक्रम में रायपुर गया था। 5 दिसंबर की सुबह लौटने पर देखा कि घर के दोनों बेडरूम की अलमारियां टूटी हुई थीं और सोने-चांदी के आभूषण तथा करीब 4 से 5 लाख रुपये नकद गायब थे। कुल मिलाकर लगभग 11 लाख रुपये की चोरी की शिकायत पर थाना सांकरा में अपराध क्रमांक 186/2025 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना सांकरा स्टाफ, साइबर सेल और अन्य थानों की संयुक्त टीमें गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम झलप निवासी शुभम साहू चोरी के जेवर बेचने की फिराक में है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बल्दीडीह चोरी की घटना कबूल की और अपने साथियों के नाम बताए।
रिश्तों से मिला सुराग
पूछताछ में सामने आया कि इस पूरी वारदात का सूत्रधार कान्हा उर्फ हेमंत अग्रवाल था, जो स्वयं प्रार्थी योगेश अग्रवाल का रिश्तेदार है। उसने ही अपने साथियों को घर की रेकी कराई, शादी में जाने की पूरी जानकारी दी और चोरी की योजना बनाई। 4 दिसंबर की रात आरोपी अलग-अलग वाहनों से गांव पहुंचे और पीछे के रास्ते से घर में घुसकर भारी मात्रा में जेवरात और नकदी चोरी कर फरार हो गए।
इतना ही नहीं, पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि कान्हा अग्रवाल ने इससे पहले मई 2025 में थाना छुरा क्षेत्र के ग्राम चरौदा में अपनी सगी बहन के ससुराल में भी डकैती करवाई थी। उस वारदात में भी वही गिरोह शामिल था और लाखों रुपये के गहने चोरी किए गए थे।

बरामदगी और गिरफ्तारियां
पुलिस ने शुभम साहू, हेमंत उर्फ कान्हा अग्रवाल, रौनक उर्फ भूपेंद्र सलूजा, योगेश साहू और दीपक चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कुल 471.24 ग्राम सोना, 1 किलो 429.53 ग्राम चांदी, टाटा नेक्सॉन कार, मारुति स्विफ्ट कार, यामाहा मोटरसाइकिल तथा कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 93 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
आरोपियों ने चोरी का माल पिथौरा और आसपास के क्षेत्रों में ज्वेलर्स को खपाया था। इस संबंध में कुछ ज्वेलरी दुकानदारों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई जारी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के दो आरोपी — प्रफुल्ल चंद्रवंशी (कवर्धा) और टाईगर उर्फ मुकुंद (गोंदिया, महाराष्ट्र) — फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में चोरी और डकैती की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें और घरों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करें।
इस पूरी कार्रवाई से महासमुंद पुलिस ने न केवल दो बड़ी वारदातों का पर्दाफाश किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और टीमवर्क से संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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