सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में कांग्रेस का ऐलान – रोजगार पर हमला बर्दाश्त नहीं
गरियाबंद/छुरा (गंगा प्रकाश)। जिले के ग्राम पंचायत अमेठी एवं मुड़ागांव में आज 20 जनवरी 2026 को आयोजित मनरेगा बचाओ कार्यक्रम अब एक साधारण सभा नहीं, बल्कि ग्रामीण आक्रोश का बड़ा मंच बन गया। सुबह से ही दोनों गांवों में हलचल थी। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा मजदूर और आदिवासी परिवार बड़ी संख्या में जुटे। हाथों में तख्तियां, नारों की गूंज और मंच से निकलती तीखी आवाज़ों ने माहौल को आंदोलनकारी रूप दे दिया।

कार्यक्रम की अगुवाई जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती मंजू ध्रुव और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती माहेश्वरी शाह ने की। मंच पर जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष अब्दुल समद खान, ब्लॉक प्रभारी शुघरमल आड़े, सह प्रभारी कमल यदु, प्रशासनिक महामंत्री प्रहलाद यदु तथा मंडल अध्यक्ष केवल साहू मौजूद रहे। इनके साथ चित्रसेन डडसेना, इंद्रवंत सिन्हा, मन्नू चौहान, अमृत निर्मलकर, राकेश ध्रुव, इंदु देवांगन, देशबाई ध्रुव, अशोक नवरंगे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष मंजू ध्रुव ने तीखे शब्दों में कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जीवन की डोर है। जब खेतों में काम नहीं होता, तब मनरेगा ही गरीब के चूल्हे को जलाता है। आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि मजदूर काम मांग रहा है, लेकिन पंचायतों के पास स्वीकृति नहीं है। मजदूरी महीनों तक अटकी रहती है। यह सीधा-सीधा ग्रामीण भारत पर हमला है, उन्होंने कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं और मजदूरों के हक पर हमला जारी रहा तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करेगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष माहेश्वरी शाह ने कहा कि गांव-गांव में जानबूझकर काम बंद कराए जा रहे हैं। “मनरेगा को कमजोर करने की साजिश चल रही है ताकि गरीब मजबूर होकर पलायन करे। लेकिन कांग्रेस इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। हर पंचायत में आंदोलन खड़ा होगा, हर दफ्तर तक आवाज पहुंचेगी,उन्होंने हुंकार भरी।

जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अब्दुल समद खान ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा को कागजों में जिंदा और जमीन पर मरा हुआ बना दिया है। ऑनलाइन पोर्टल पर काम चल रहे हैं, लेकिन गांवों में फावड़ा नहीं चल रहा। मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा, न मजदूरी। अगर हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव करेगी उन्होंने कहा।
ब्लॉक प्रभारी शुघरमल आड़े और सह प्रभारी कमल यदु ने कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता खत्म होती जा रही है। पंचायतों को न तो पर्याप्त बजट मिल रहा है और न तकनीकी स्वीकृतियां समय पर दी जा रही हैं। इसका सीधा नुकसान गरीब मजदूरों को उठाना पड़ रहा है। प्रशासनिक महामंत्री प्रहलाद यदु ने कहा कि यह आंदोलन केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि हर उस परिवार का है जिसकी रोजी-रोटी मनरेगा से जुड़ी है।
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कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी पीड़ा रखी। अमेठी की महिलाओं ने बताया कि कई महीनों से गांव में कोई काम स्वीकृत नहीं हुआ। मुड़ागांव के मजदूरों ने मजदूरी भुगतान में देरी और जॉब कार्ड अपडेट नहीं होने की शिकायत की। कुछ ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। मंच से नेताओं ने सभी शिकायतों को लिखित रूप में लेकर जिला प्रशासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
सभा के दौरान बार-बार नारे गूंजते रहे—मनरेगा बचाओ, गरीब बचाओ, काम दो, मजदूरी दो, गरीब विरोधी नीति नहीं चलेगी। माहौल पूरी तरह आंदोलनकारी बन गया।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि मनरेगा को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो ब्लॉक व जिला स्तर पर बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

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