- बड़ी कार्रवाई: पालागुड़ा के जंगलों में नक्सलियों के दो बड़े ठिकाने (डम्प) तबाह।
- बरामदगी: भारी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस और आईईडी बनाने का विस्फोटक सामान जब्त।
- रणनीति: 26 जनवरी के आयोजनों में खलल डालने की फिराक में थे नक्सली।
Sukma Naxal Operation सुकमा — छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर इलाके में सुरक्षा बलों ने गणतंत्र दिवस से ठीक 24 घंटे पहले नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। रविवार को एक बड़े खुफिया ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ (CRPF) की 150वीं वाहिनी ने सुकमा और बीजापुर जिले की सरहद पर स्थित पालागुड़ा के जंगलों में छापेमारी की। इस दौरान जवानों ने नक्सलियों के दो गुप्त डम्प ढूंढ निकाले और उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया।
इंटेलिजेंस इनपुट पर सटीक स्ट्राइक
सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि नक्सली संगठन सुकमा-बीजापुर सीमा के दुर्गम इलाकों में विस्फोटक और हथियारों का जखीरा जमा कर रहे हैं। इनपुट के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल 26 जनवरी के आसपास सुरक्षा बलों पर एंबुश लगाने या विकास कार्यों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था।
सूचना मिलते ही 150वीं बटालियन की टीम ने इलाके की घेराबंदी की। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच चले इस सर्च ऑपरेशन में जवानों ने जमीन में छिपाकर रखे गए दो बड़े प्लास्टिक ड्रम बरामद किए, जिनमें हथियारों का जखीरा भरा हुआ था।
बरामद हथियारों की सूची
तलाशी अभियान के दौरान बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि नक्सली किसी बड़े हमले की तैयारी में थे। बरामद सामान में शामिल है:
- भारी मात्रा में देसी हथियार और गन पाउडर।
- जिंदा कारतूस और डेटोनेटर।
- आईईडी (IED) बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्विच और बिजली के तार।
- दैनिक उपयोग का सामान और नक्सली साहित्य।
अधिकारियों का बयान
“नक्सली अक्सर राष्ट्रीय पर्वों के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हिंसक गतिविधियों की कोशिश करते हैं। पालागुड़ा में की गई यह कार्रवाई उनके नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका है। हमने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है।”
— सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी
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