दिल्ली। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में सोमवार सुबह दो गोदामों में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई। कई मजदूर लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। आग सुबह लगभग 3 बजे लगी और दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 10 बजे आग पर काबू पाया। हालांकि गोदाम के कुछ हिस्सों में देर शाम तक धुआं और आग की लपटें देखी गईं।
शुरुआत में 6 मजदूर लापता बताए गए थे, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है। गोदाम में एक डेकोरेटिंग कंपनी और एक लोकप्रिय मोमो चेन के मजदूर काम करते थे, जो वहीं अस्थायी कमरों में रहते थे। चार मजदूर समय रहते बाहर भागकर अपनी जान बचा पाए। मृतक और लापता मजदूर पुरबा मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों के रहने वाले हैं।
बारुईपुर पुलिस जिला एसपी शुभेंदु कुमार ने बताया कि सभी शव इतनी बुरी तरह झुलसे हैं कि पहचान मुश्किल है। आग से फैक्ट्री में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। राज्य के बिजली मंत्री आरूप बिस्वास ने बताया कि धुआं हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अंदर कोई और फंसा था या नहीं। कोलकाता नगर निगम की डिमोलिशन टीम को बुलाकर दीवारें तोड़कर धुआं बाहर निकाला गया।
फायर सर्विस मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा नियमों का पालन मालिकों और कंपनी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन में असंवेदनशीलता दिखाई और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के कारण वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।
बीजेपी विधायक अशोक डिंडा ने आरोप लगाया कि आधी रात को गोदाम का मुख्य गेट बंद था, जिससे कई मजदूर बाहर नहीं निकल सके। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू और जांच कार्य जारी है।
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