क्या सस्ता हुआ: सीधे राहत वाली घोषणाएं
बजट भाषण में सरकार ने स्वास्थ्य और मध्यम वर्ग पर फोकस रखा। 17 कैंसर रोधी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान हुआ। इससे इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है। विदेशी यात्रा, उच्च शिक्षा और इलाज पर लगने वाला TCS घटाया गया। ट्रैवल एजेंटों के मुताबिक इसका असर आने वाले महीनों में टिकट और पैकेज की कीमतों पर दिखेगा।
- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती
- विदेशी शिक्षा पर TCS में कटौती
- इलाज और मेडिकल ट्रैवल पर टैक्स बोझ कम
क्या महंगा हो सकता है: बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया
बजट के बाद सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में सतर्कता दिखी। कुछ आयातित वस्तुओं पर शुल्क में बदलाव से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और लग्जरी आइटम महंगे होने की आशंका जताई जा रही है। पेट्रोल-डीजल पर कोई नई सीधी राहत नहीं दी गई। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने पर इसका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ सकता है।
बाजार और कारोबारियों की आवाज
“स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े फैसले सही दिशा में हैं। लेकिन आयात पर बढ़ती लागत का असर खुदरा कीमतों में दिख सकता है।”
— संजय मेहता, ट्रेड एनालिस्ट, दिल्ली
आम लोगों पर असर: अब जेब कैसे संभलेगी
दिल्ली के करोल बाग और सदर बाजार में दुकानदार इंतजार की मुद्रा में हैं। दवा कारोबारियों को कैंसर दवाओं की कीमत घटने की उम्मीद है। ट्रैवल सेक्टर को विदेशी यात्रा पर बढ़ी मांग की संभावना दिख रही है। घरेलू खर्च पर असर अगले एक-दो महीनों में साफ होगा, जब कंपनियां नई टैक्स दरों के हिसाब से कीमतें तय करेंगी।
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