रायपुर/महासमुंद: छत्तीसगढ़ में साय सरकार के नेतृत्व में जारी धान खरीदी ने इस सीजन में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है। इस वर्ष की सबसे बड़ी हाईलाइट महासमुंद जिला रहा है, जिसने धान विक्रय और भुगतान प्राप्ति में राज्य के सभी बड़े जिलों को पीछे छोड़ दिया है।
महासमुंद का दबदबा: 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी
महासमुंद जिले ने न केवल धान उत्पादन में बल्कि सरकारी उपार्जन केंद्रों में उपज बेचने में भी बाजी मारी है। जिले में अब तक 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। प्रशासन की सक्रियता और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था (तुहर ऐप) के कारण यहाँ के किसानों को रिकॉर्ड समय में भुगतान प्राप्त हुआ है।
धान खरीदी 2025-26: टॉप-10 जिलों का रिपोर्ट कार्ड
राज्य के टॉप-10 जिलों में कुल 13 लाख 51 हजार किसानों ने अपना धान बेचा है। सूची में रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरी प्रधान जिलों ने भी मजबूती से अपनी जगह बनाई है।
| रैंक | जिले का नाम | विशेष उपलब्धि |
| 01 | महासमुंद | प्रदेश में सर्वाधिक धान खरीदी और भुगतान में प्रथम। |
| 02 | बलौदाबाजार | सुव्यवस्थित उपार्जन और उच्च आवक। |
| 03 | बेमेतरा | बेहतर कृषि उत्पादकता के साथ टॉप-3 में शामिल। |
| 04 | बालोद | धान विक्रय में लगातार सक्रियता। |
| 05 | रायपुर | शहरी इलाकों के किसानों की भी भारी भागीदारी। |
| 06 | बिलासपुर | 6.75 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी। |
| 07 | धमतरी | रिकॉर्ड उत्पादन और समय पर उठाव। |
| 08 | राजनांदगांव | सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद पारदर्शी खरीदी। |
| 09 | जांजगीर-चांपा | प्रदेश का ‘धान का कटोरा’ अपनी साख बरकरार रखे हुए। |
| 10 | गरियाबंद | टॉप-10 की सूची में अंतिम स्थान पर मजबूत उपस्थिति। |
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