रायपुर | 13 फरवरी, 2026: छत्तीसगढ़ के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित नई दरों और घाटे की भरपाई की याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) जनसुनवाई शुरू करने जा रहा है। 17 और 18 फरवरी को होने वाली इस सुनवाई में जनता की राय, आपत्तियों और सुझावों के आधार पर ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ तय किया जाएगा।
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जनसुनवाई का पूरा शेड्यूल:
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ऑनलाइन जनसुनवाई (क्षेत्रीय स्तर): 17 और 18 फरवरी, 2026।
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ऑफलाइन जनसुनवाई (रायपुर): 19 और 20 फरवरी, 2026 (आयोग के कोर्ट रूम में)।
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मुख्य फोकस: वित्तीय वर्ष 2024-25 का ट्रू-अप और 2026-27 से 2029-30 तक का राजस्व आवश्यकता (ARR) निर्धारण।
क्यों हो रही है यह जनसुनवाई?
छत्तीसगढ़ की चार प्रमुख बिजली कंपनियों (उत्पादन, पारेषण, वितरण और भार पोषण केंद्र) ने आयोग के पास अपनी याचिकाएं दायर की हैं। कंपनियों ने पिछले वर्षों के घाटे और भविष्य के निवेश (Capital Investment Plan) को आधार बनाकर राजस्व की मांग की है।
महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट्स के अनुसार, पावर कंपनियों ने करीब 6,000 करोड़ रुपए के घाटे का दावा किया है और बिजली दरों में औसतन 24% तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, अंतिम फैसला नियामक आयोग जनता की बात सुनने के बाद ही लेगा।
पहली बार क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन सुविधा
इस बार आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों (जैसे बस्तर और सरगुजा) के उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था की है।
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दुर्ग क्षेत्र: 17 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ऑनलाइन भागीदारी कर सकेंगे।
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कैटेगरी अनुसार सुनवाई: 19-20 फरवरी को रायपुर में कृषि, घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।
आम जनता कैसे रख सकती है अपना पक्ष?
इच्छुक व्यक्ति या संगठन आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर याचिकाओं का सारांश देख सकते हैं। आप अपनी आपत्तियां या सुझाव लिखित रूप में या जनसुनवाई के दौरान सीधे आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
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