रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। राज्य शासन के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने प्रदेश के 11 जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरों (Revised Guideline Rates) को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। ये नई दरें 18 फरवरी 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं।
आम जनता की आपत्तियों के बाद हुआ संशोधन
बता दें कि 20 नवंबर 2025 को लागू हुई पुरानी गाइडलाइन दरों को लेकर प्रदेश भर में विसंगतियों की शिकायतें आ रही थीं। कई इलाकों में सरकारी दरें बाजार मूल्य से काफी ज्यादा हो गई थीं, जिससे रजिस्ट्री का बोझ बढ़ गया था। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के निर्देश पर जिला मूल्यांकन समितियों ने पुनरीक्षण प्रस्ताव भेजे थे, जिसके बाद अब दरों को तर्कसंगत और कम किया गया है।
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इन 11 जिलों में मिलेगी बड़ी राहत
संशोधित दरों का लाभ मुख्य रूप से रायपुर, कोरबा, बिलासपुर और दुर्ग सहित उन 11 जिलों को मिलेगा जहाँ से विसंगतियों के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
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शहरी क्षेत्रों में राहत: शहरी कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से हटकर स्थित जमीनों की दरों में सुधार किया गया है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कमी: ग्रामीण इलाकों में आवासीय लेआउट और कृषि भूमि की दरों को बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप कम किया गया है।
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बहुमंजिला इमारतें: फ्लैट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ऊपरी फ्लोर की दरों में भी राहत के प्रावधान शामिल हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी:
प्रभावी तिथि: 18 फरवरी 2026 से सभी पंजीयन कार्यालयों में नई दरें लागू।
मुख्य बदलाव: रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क का बोझ कम होगा।
पारदर्शिता: नई दरें अब विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला पंजीयन कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध हैं।
बाजार में आएगी तेजी
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि गाइडलाइन दरों में इस सुधार से जमीन के लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और जो लोग रजिस्ट्री के महंगे होने के डर से रुके हुए थे, वे अब खरीदारी के लिए आगे आएंगे। इससे मध्यम वर्ग के लिए अपना घर बनाना पहले के मुकाबले सस्ता और आसान हो जाएगा।
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