स्वरोजगार को बढ़ावा: श्रम विभाग ने जारी किए आदेश
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं के लिए यह योजना प्रभावी होगी। श्रम विभाग ने इस वृद्धि को लेकर औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय का सीधा लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जो मजदूरी छोड़कर खुद का परिवहन व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं।
प्रशासन का मानना है कि सब्सिडी बढ़ने से बैंक लोन का बोझ कम होगा। इससे राजधानी के टाटीबंध, भनपुरी और धरसींवा जैसे औद्योगिक बेल्ट में काम करने वाली हजारों महिला श्रमिकों की माली हालत में सुधार आएगा। अब वे अपनी मर्जी की मालिक बन सकेंगी और सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगी।
आधिकारिक बयान और कार्यान्वयन
“मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश की महिलाएं केवल श्रमिक बनकर न रहें, बल्कि वे उद्यमी बनें। अनुदान राशि में 50% की यह बढ़ोतरी उनके सपनों को पंख देगी। हम आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बना रहे हैं ताकि हितग्राहियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।”
— सचिव, छत्तीसगढ़ श्रम विभाग
इस फैसले से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि शहरों में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ और प्रदूषण मुक्त परिवहन को भी बल मिलेगा। रायपुर के डीकेएस भवन स्थित श्रम विभाग कार्यालय और चॉइस सेंटरों पर अब पंजीकरण की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
- पात्रता: महिला का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम 1 वर्ष से पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- दस्तावेज: आवेदन के लिए श्रमिक कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ई-रिक्शा का कोटेशन आवश्यक होगा।
- प्रक्रिया: पात्र महिलाएं मंडल की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी श्रम कार्यालय में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
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