महासमुंद: छत्तीसगढ़ की सीमा पर नशे के सौदागरों के खिलाफ महासमुंद पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। दो लक्जरी कारों में छिपाकर ले जाया जा रहा 68.50 लाख रुपये का गांजा जब्त कर 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
एन्टी नारकोटिक टाॅस्क फोर्स की पैनी नजर
महासमुंद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एन्टी नारकोटिक टाॅस्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा की टीम लगातार वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध कारों में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ओडिशा की ओर से छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रहा है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहनों को रोका।
दो कारों से बरामद हुआ 68 लाख का माल
तलाशी के दौरान दोनों कारों के भीतर विशेष कैविटी बनाकर छिपाया गया गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे का कुल वजन और गुणवत्ता के आधार पर इसकी बाजार कीमत लगभग 68.50 लाख रुपये आंकी गई है। तस्करी के इस खेल में एक महिला भी शामिल थी, जो पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपियों का साथ दे रही थी।
ओडिशा से महाराष्ट्र का था ‘सप्लाई रूट’
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कुबूल किया है कि वे यह खेप ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र में खपाने की तैयारी में थे। पकड़े गए सभी 8 आरोपी पेशेवर तस्कर बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस रूट पर सक्रिय थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क के अन्य गुर्गों और मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है।
पुलिस की चेतावनी
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरहदी इलाकों में चेकिंग अभियान और तेज किया जाएगा। नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि जिले को नशा मुक्त बनाया जा सके।
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