गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। छ.ग. सरकार के 2026-27 के बजट की उत्सुकता लोगों में काफी ज्यादा दिखी।बजट की भाषा समझ में आये या न आये लोग महंगाई के साथ साथ नई नई विकास योजनाओं के बारे में ज्यादा उत्सुक दिखे । भाजपा एवं कांग्रेस कार्यकर्त्ता काफी नजर जमाकर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा की पटल पर बजट के प्रस्तुतीकरण को देख रहे थे । 1 लाख 72 हजार करोड़ के बजट पर दोनों राजनैतिक दल के सदस्यों ने काफी समीक्षात्मक एवं सटीक टिप्पणी की है। जिसे उनके ही विचारों के अनुसार उनकी विवेचना प्रस्तुत है।

पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने कहा की एक लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये के इस बजट की थीम संकल्प है। सबके साथ सबका विकास की अवधारणा के अनुरूप सभी वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में कृषि को नई दिशा देने के साथ ही इसके औद्योगिक विकास का भी मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। जिसके तहत 23 नये औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन, लोकनिर्माण और पंचायत विभाग सहित सभी विभागों का बजट आबंटन बढ़ाया गया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के स्वप्न को साकार करने का प्रयास किया गया है।

पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय ने बजट का स्वागत करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप, दूरदर्शी और राज्य को समृद्ध बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है।उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन, मजबूत आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास, अंतिम छोर तक सेवाओं की उपलब्धता तथा राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने पर केंद्रित है। बजट राज्य की नीति को प्रदर्शन में, निवेश को परिणामों में और आकांक्षाओं को प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्धियों में बदलने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ को पूरा करने और छत्तीसगढ़ को 2047 तक ‘विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

वरिष्ठ भाजपा नेता भागवत हरित ने कहा कि यह बजट विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की ठोस आधारशिला है। जनकल्याण, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी प्रगति के संतुलित समावेश के साथ यह बजट प्रदेश में सकारात्मक माहौल और विश्वास का वातावरण मजबूत करेगा।

नमामि गंगे के प्रदेश संयोजक अशोक राजपूत ने बताया की साय सरकार का यह तीसरा बजट सुनहरे सपने संजोने वाला समावेशी बजट है।भाजपा सरकार के छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का जो संकल्प लिया है उसको मूर्त रुप देने में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने अपने तरफ से कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। खासतौर पर शीघ्र ही नक्सली हिंसा से मुक्त होने जा रहे बस्तर के दिन बहुराने की हर संभव कोशिश की गई है।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष दीपक श्रीवास ने नए विधानसभा भवन में प्रस्तुत तीसरे बजट को ऐतिहासिक एवं सर्वसमावेशी बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के इस बजट मे विकसित छत्तीसगढ़ की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में बस्तर से लेकर सरगुजा तक सरकार ने दिल खोलकर प्रावधान रखा है। किसान, युवा, महिला सभी को इस बजट का लाभ मिलेगा। प्रदेश की 3 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखकर यह बजट प्रस्तुत किया गया है। छत्तीसगढ़ का यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगा।

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश यदु ने बताया की वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए ‘संकल्प’ थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा गया है | बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई, वहीं 18 साल पूरे होने पर बच्चियों को डेढ़ लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया है |

भाजपा नेता बोधन साहू ने कहा कि हमारे प्रदेश में विष्णुराज है। साय सरकार समावेशी, सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापक एवं सर्वग्राही होने के लिए दृढ़ संकल्पित है।सरकार का लक्ष्य न केवल तेजी से विकास करना है, बल्कि इस बात का भी ध्यान रखना है कि विकास की इस दौड़ में समाज का कोई भी वर्ग या प्रदेश का कोई भी अंचल पीछे न रह जाए।

भाजपा किसान नेता रामाधार साहू ने कहा की बजट में बस्तर पर जितना फोकस किया गया है उसे मद्देनजर रखकर इस बजट को बस्तरिहा बजट कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। वास्तव में लंबे अर्से से नक्सली हिंसा का दंश झेलते और बारूद की ढेर पर बैठे रहने वाले बस्तर में विकास की बयार बहाना और गरीब आदिवासी की कुटिया तक विकास का उजियारा बगराना बेहद चुनौती पूर्ण कार्य रहा है। अभी भी जब बस्तर से माओवादी का सफाया हो जाएगा तब भी वहां का चहुंमुखी विकास आसान नहीं होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय यह समझते हैं। यही वजह है कि इस साल के बजट में उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के साथ ही विकसित बस्तर का रोडमैप तैयार कराया है। जो उनकी दूरदर्शिता का परिचायक है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष मंजुलता हरित ने कहा की सरकार ने बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। रानी दुर्गावती योजना इस बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है। इसके तहत बच्चियों के 18 वर्ष पूरे होने पर उन्हें 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं को वार्षिक 12,000 रुपये की सहायता जारी रखने के लिए भारी भरकम बजट का प्रावधान किया गया है।

भाजपा नेत्री संतोषी श्रीवास्तव ने बजट को महिला हितैषी एवं सर्वसमावेशी बताते हुए कहा कि सरकार ने इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में प्रदेश की लखपति दीदीयों को, सफल महिला उद्यमियों की कार्य प्रणाली तथा उनके सफल व्यवसाय मॉडल का अध्ययन करने हेतु लखपति दीदी भ्रमण योजना में 5 करोड का बजट प्रावधान किया गया है।

पार्षद पद्मा यदु ने कहा की बजट में महिलाओं पर भी फोकस करते हुए महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्यमी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 8,200 करोड का प्रावधान किया गया है। यह योजना महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नई योजना रानी दुर्गावती योजना लायी है। इस योजना के तहत परिवार में बालिका के जन्म पश्चात् बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1.50 लाख रूपये दिये जाएंगे। रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड का प्रावधान किया गया है।

पार्षद शांति कोसरे ने बताया की मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है, जिससे नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों में बुनियादी अधोसंरचना, नागरिक सेवाओं, स्वच्छता इत्यादि में सुधार लाया जा सके।

विधायक प्रतिनिधि विजय कंडरा ने बताया की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के वितमंत्री ओपी चौधरी की ओर से प्रस्तुत तीसरे बजट में जो प्रावधान किये गये हैं, उससे सामाजिक कार्यों का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि सियान गुड़ी जैसे वरिष्ठ सदस्यों की कल्याण योजना के लिए वार्षिक बजट में सम्मानजनक राशि का प्रावधान किया गया है, जो संवेदनशील नीति का द्योतक है। युवाओं के शिक्षण विस्तार के लिए महाविद्यालय स्थापना, भवन निर्माण, नालंदा वाचनालय, युवाओं के कैरियर गाइडेंस के लिए व बच्चियों के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 15 हजार रुपये राशि और स्किल डेवलपमेंट के विस्तार के लि लिए बजट प्रावधान प्रशंसनीय है।

भाजपा अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष उत्तम राजवंशी ने कहा की सरकार मिशन मोड में कार्य करने के लिए पांच मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ कर रही है, जिनमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन तथा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इन मिशनों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा, नई धार और नई गति मिलेगी।

पूर्व मंडल अध्यक्ष पूनम यादव ने बजट को ‘ज्ञान’ और ‘गति का संगम’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का आधारस्तम्भ बताते हुए कहा कि बजट में कृषक उन्नति योजना और सिंचाई परियोजनाओं के लिए किया गया प्रावधान यह सिद्ध करता है कि हमारी सरकार किसानों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है। बिना किसी नए कर के राजस्व बढ़ाना और किसानों को समय पर इनपुट सब्सिडी देना प्रशंसनीय है।

अध्यक्ष जनभागीदारी समिति महाविद्यालय राजू साहू ने कहा की यह बजट युवा-शक्ति के लिए नए विश्वास और अवसरों का आलोक और स्वरोजगार पर जोर दिया गया फैला रहा है। बजट में युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास है। नए मेडिकल कॉलेज एवं 5 नालंदा लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव बजट में रखी गई है जिसका सीधा लाभ युवाओं को होगा।

महिला एवं बाल विकास सभापति जिला पंचायत गरियाबंद नंदनी ओंकार साहू ने बताया की महतारी वंदन योजना’ के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ महिलाओं के स्वरोजगार और लखपति दीदी योजना को नई गति देना महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमप्रकाश बंछोर ने कहा की मोदी की गारंटी के पांच साल में 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन इस बजट में नई नौकरियों के लिए वित्त मंत्री ने कुछ नहीं किया। न नये स्कूल खोलने की बात है, न नये महाविद्यालय खोलने की बात है और न ही कौशल उन्नयन के लिए कुछ है। यही नहीं न नये सिंचाई के बांध बनाने के लिए कुछ है और न ही महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार के लिए कुछ है, न उद्योगों के विकास के लिए कुछ है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिशंकर श्रीवास्तव ने कहा की इस बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। दो घंटे सिर्फ शब्दों का जाल बुना गया। एक-एक सड़क, बैंक-चौराहों के नाम गिनाए जा रहे थे। धान खरीदी के नाम पर धोखा हुआ है। किसान का रकबा बढ़ा है उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। बजट में कुछ नहीं है, सिर्फ शब्दो का खेल खेला गया है |

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा की बजट में रोजगार, शिक्षा, कृषि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं है। वित्त मंत्री जब बजट प्रस्तुत कर रहे थे तो उसमें केवल मोदी की चाटुकारिता अधिक दिखी। राज्य के वित्त मंत्री ने केंद्रीय योजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल परियोजना का श्रेय ले लिया। सरकार का कोई भी ठोस विजन बजट में नहीं दिखा।

पूर्व विधायक प्रतिनिधि करीम खान ने कहा की इस बजट में उद्योगो के संरक्षण और संवर्धन के लिए कुछ भी नहीं है। उद्योग के नाम पर केवल वनों की कटाई और खनिज संसाधनों के असंतुलित दोहन को ही प्रोत्साहन मिल रहा है, अनियमित और संविदा कर्मचारियों से 100 दिन में नियमितीकरण वादा था, लेकिन साय सरकार के तीसरे बजट में भी उनके साथ धोखा ही हुआ। रसोईया संघ पिछले दो महीना से हड़ताल पर है, दो-दो बहनों की अनशन के दौरान मौत हो गई।

आदिवासी कांग्रेस नेता जीतेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा की प्रदेश का बजट पूरी तरह निराशाजनक है। बजट में आंकड़ों का सिर्फ खेल है। मध्यमवर्गीय परिवार को राहत देने की कोई पहल नहीं की गई है। बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, किसानों, शासकीय कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।

पूर्व जनपद उपाध्यक्ष योगेश साहू ने बताया की सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट अब तक का सबसे खराब बजट है। इसमें सिर्फ आंकड़ों का खेल है । लोक लुभावन नारा है। आम जनता को सब्जबाग दिखाए गए हैं। इस बजट से, किसान, मजदूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी समेत किसी भी वर्ग को कोई फायदा नहीं होगा। बजट से विकास को भी कोई गति नहीं मिलेगी।

जिला कांग्रेस के महामंत्री कमलेश यदु ने कहा की खेती किसानी सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। कृषक उन्नति योजना में पहले सिर्फ सरकार को धान बेचने वाले किसानों को शामिल किया गया थाछ इस बार दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो कुटकी, रागी उत्पादक किसानों को भी योजना में शामिल किया गया है और इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है इसके अलावा नया कुछ भी नहीं है, लगता है कि सरकार उद्यानिकी फसल एवं अन्य उपज लेने वाले किसानों की उन्नति नहीं करना चाहती है। सुनिश्चित सिंचाई और गुणवत्तापूर्ण बिजली की उपलब्धता के लिए कुछ भी नहीं है।

जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष पुष्पा साहू ने कहा की यह संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का बजट है। नई नई योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए लाई गई है। लिए लाई गई है। उनहोंने कहा कि शब्दों का मायाजाल बुना गया है। इस बजट में प्रदेश के युवाओं के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश की महिलाओं के लिए कुछ नहीं है। नौकरी के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया गया है। कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं, उनकी छोटी छोटी मांगे हैं, लेकिन सरकार उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े डॉ. रुपसिंग साहू ने छत्तीसगढ़ के नये बजट को युवा छत्तीसगढ़ के लिए विकासोन्मुखी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में पहले सरकारी होम्योपैथी कॉलेज की घोषणा की गई है जिससे राज्य में होम्योपैथिक शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। इस घोषणा से जहां राज्य के छात्रों को इस पद्धति की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सकेगी वहीं जनसामान्य को भी इस चिकित्सा का लाभ मिलेगा ।

पूर्व महाविद्यालय जनभागीदारी अध्यक्ष रामकृष्ण तिवारी ने बताया की बजट में जो संकल्प है, वह संकल्प कॉर्पोरेट लूट के आगे नतमस्तक होने का ही संकल्प परिलक्षित हो रहा है, जनकल्याणकारी मदो की उपेक्षा करके केवल उद्योग विभाग का बजट ही 3 गुना किया गया है। विगत बजट 165000 करोड़ का था और उसके बाद अनुपूरक बजट 35000 करोड़ अर्थात कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ का कुल बजट 2025-26 में, इस बजट में मात्र 172000 करोड़ अर्थात लगभग 15 प्रतिशत कटौती की गई है। सिंचाई के लिए मात्र 68 किलोमीटर नहर, विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सिंचाई का रकबा 2.5 प्रतिशत घटा है।

जिला कांग्रेस के मंत्री गैंदलाल यादव ने कहा की 1 लाख 72 हजार करोड़ का बजट में नये रोजगार के अवसर तथा राज्य के सर्वहारा वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है।
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