Chhattisgarh Elephant News , कोरबा — छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मानव-हाथी संघर्ष की एक और खौफनाक वारदात सामने आई है। कुदमुरा उपार्जन केंद्र में देर रात एक दंतैल हाथी ने हमला कर मंडी प्रभारी की जान ले ली। इस दौरान मृतक की पत्नी भी साथ थी, जिसने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद से पूरे कुदमुरा क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है।
देर रात उपार्जन केंद्र में घुसा हाथी
जानकारी के अनुसार, कुदमुरा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी अपनी पत्नी के साथ केंद्र परिसर में ही मौजूद थे। देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच एक जंगली हाथी अचानक केंद्र में घुस आया। हाथी ने सीधे मंडी प्रभारी पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर मृतक की पत्नी ने साहस दिखाया और विपरीत दिशा में भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं।
घटना की सूचना मिलते ही सुबह ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। वन विभाग और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है। वन अमले ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों को शासन के नियमानुसार तत्काल सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वन विभाग की चेतावनी और सरकारी बयान
“हाथी विचरण क्षेत्र होने के कारण लगातार मुनादी कराई जा रही थी। यह घटना अत्यंत दुखद है। हाथी अभी भी आसपास के जंगलों में सक्रिय है। ग्रामीणों से अपील है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और उपार्जन केंद्र जैसे खुले स्थानों पर सावधानी बरतें।”
— रेंजर, कुदमुरा वन परिक्षेत्र
ग्रामीणों में रोष: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों की पोल खोल दी है। कुदमुरा और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा है, लेकिन विभाग ने उन्हें खदेड़ने या सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। मंडी जैसे व्यस्त केंद्रों पर लाइट और सुरक्षा गार्ड्स की कमी भी इस हादसे का बड़ा कारण मानी जा रही है। वन विभाग ने अब कुदमुरा और उससे लगे करतला क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी के लिए गश्ती दल तैनात किए गए हैं और ग्रामीणों को रात में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
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