रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पचपेड़ी नाका के रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार की रात एक हृदयविदारक हादसा हो गया। अस्पताल परिसर के भीतर बने सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे तीन सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना ने राजधानी में औद्योगिक सुरक्षा और सफाई कर्मचारियों की सेफ्टी ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे की मुख्य बातें:
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मंगलवार रात की घटना: सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से तीनों कर्मचारी बेहोश हो गए और उनकी जान चली गई।
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परिजनों का आक्रोश: घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों और श्रमिक संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई। अस्पताल परिसर के बाहर देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही।
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मुआवजे की घोषणा: बढ़ते दबाव और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने का ऐलान कर दिया है।
परिजनों ने लगाया सुरक्षा में लापरवाही का आरोप
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि सफाईकर्मियों को टैंक के भीतर भेजने से पहले सुरक्षा के आवश्यक उपकरण (Safety Gears) प्रदान नहीं किए गए थे। बिना किसी ऑक्सीजन मास्क या सुरक्षा बेल्ट के इतनी गहराई में भेजना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल प्रबंधन का रुख
रामकृष्ण केयर अस्पताल प्रबंधन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे और पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। हालांकि, मुआवजे की सटीक राशि का खुलासा अभी आधिकारिक रूप से नहीं किया गया है।
प्रशासनिक जांच और कार्रवाई
रायपुर पुलिस और नगर निगम की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या सफाई कार्य के लिए किसी निजी एजेंसी को ठेका दिया गया था और क्या उस एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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