- ग्राउंड जीरो एक्शन: मानिकपुर पुलिस ने उरांव बस्ती में चौपाल लगाकर सीधे जनता से संवाद किया।
- दोहरा प्रहार: पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और यातायात नियमों की अनदेखी पर कड़ा प्रहार किया।
- जन संकल्प: ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से नशा और अवैध व्यापार को छोड़ने की शपथ ली।
Illegal Liquor Action , कोरबा — जिला पुलिस प्रशासन ने अपराध मुक्त शहर की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत मानिकपुर पुलिस की टीम उरांव बस्ती पहुंची। पुलिस ने न केवल सुरक्षा का भरोसा दिया, बल्कि जनता को नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया। चौपाल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना और सामाजिक बुराइयों को खत्म करना है।
चौपाल का गणित: नशे और ट्रैफिक पर फोकस
मानिकपुर पुलिस ने चौपाल के दौरान उरांव बस्ती के निवासियों को आंकड़ों और उदाहरणों के जरिए समझाया कि कैसे नशा परिवारों को बर्बाद कर रहा है। इसके अलावा, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस ने साफ संदेश दिया कि सुरक्षा केवल वर्दी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य भी है।
- मुख्य क्षेत्र: मानिकपुर चौकी अंतर्गत उरांव बस्ती।
- पुलिस रणनीति: कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए ‘चौपाल’ मॉडल पर जोर।
- लक्ष्य: अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम।
पुलिस की मौजूदगी और अधिकारियों के समझाने का असर भी दिखा। बस्ती के युवाओं और बुजुर्गों ने एक स्वर में अवैध नशे के धंधे से दूरी बनाने का संकल्प लिया। उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चौकी प्रभारियों को अब ‘बेहतर पुलिसिंग’ के पैरामीटर्स पर काम करना होगा, जिससे जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम हो सके।
“सजग कोरबा अभियान का उद्देश्य हर नागरिक को पुलिस का सहयोगी बनाना है। उरांव बस्ती में ग्रामीणों का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला है। जब समाज नशे के खिलाफ खड़ा होगा, तभी अपराध का ग्राफ नीचे आएगा। बेहतर पुलिसिंग हमारी प्राथमिकता है।”
— उच्चाधिकारी, कोरबा पुलिस
कोरबा पुलिस का यह चौपाल मॉडल अब जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी लागू किया जाएगा। पुलिस अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह निवारक (preventive) मोड में काम कर रही है।
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