गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। अंचल के बिजली उपभोक्ताओं के यहां जब से बिजली मीटर को बिना किसी शिकायत के मात्र छ.ग. विद्युत मंडल की मंशा से बदला गया है, तब ही से लगातार बिजली उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत की जा रही है कि कथित स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली का बिल बहुत ज्यादा अमुनन दुगुना, तिगुना और किसी किसी उपभोक्ता का चार गुना बिल आ रहा है यानी स्मार्ट मीटर आम आदमी के गले का फांस बन गया है।

जनपद पंचायत फिंगेश्वर के पूर्व उपाध्यक्ष योगेश साहू ने कहा कि हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है।
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बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन भाजपा सरकार ने लूट करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है।

यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है। सरकार स्मार्ट मीटर वापस ले। योगेश साहू ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली की खपत से ज्यादा रीडिंग आ रही है। जनता परेशान है। इस माह लोगों का बिल तीन गुना तक बढ़कर आया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश से स्मार्ट मीटर वापस लिया है।
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हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ से भी स्मार्ट मीटर वापस लिया जाये। उत्तर प्रदेश सरकार ने माना कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत ज्यादा आ रही है, योगी मंत्रि मंडल ने इसे बदलने का फैसला किया है, छत्तीसगढ़ में भी इसे वापस लिया जाए। जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष योगेश साहू ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ा दिया। इसके बाद स्मार्ट मीटर की चैगुनी गति की चाल से उपभोक्ता काफी परेशान है।





